मानसिक संतुलन ठीक न होने के चलते 2017 में भी खुदकुशी का प्रयास किया था। इसके बाद सेना ने जांच की और उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया। नवीन के अनुसार, अरविंद आर्मी में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने लगे थे।
कई ट्रैफिक पुलिस वालों ने अपने बच्चों की नौकरी लगवाने के लिए उन्हें पैसा दिया था। बाद में परिजनों ने ईसापुरम का मकान बेचकर कर्ज उतारा। उन्होंने कई लोगों से पैसा उधार लिया था। इससे परेशान होकर पहली पत्नी बच्चों के साथ गाजियाबाद में रहने लगी। अरविंद ने दूसरी शादी कर ली और फाजलपुर में रहने लगा।
बेटी ले जाने को तैयार नहीं नवीन
पुलिस के अनुसार, अरविंद ने अपने पिता और सौतेली मां की पहचान सुमन के रूप में की है। नवीन दोनों शव ले जाने को तैयार है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करा दी है। वहीं सौतेली बहन को ले जाने से नवीन ने इनकार कर दिया। उसने कहा कि बच्ची उसके पिता की संतान नहीं है।
होटल मैनेजर और उसकी पत्नी का शव कमरे में मिला है। बच्ची की जान बच गई है। देर रात गाजियाबाद से आए होटल मैनेजर के बेटे ने दोनों शवों की पहचान की है। -अजय साहनी, एसएसपी