- इक्षु रस से पारणा कर तपस्वियों ने पाया धर्मलाभ, निकाली गई भव्य वर घोड़ा यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के श्री श्वेतांबर जैन तीर्थ क्षेत्र पर चल रहे पारणा महामहोत्सव में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वर्षीतप के तपस्वियों ने इक्षुरस (गन्ने के रस) से पारणा कर धर्मलाभ अर्जित किया। भगवान की भव्य वर घोड़ा यात्रा (शोभायात्रा) भी निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
प्रातःकाल श्री आदीश्वर भगवान के पारणे के मूल स्थल चरण मंदिर तक वर घोड़ा यात्रा निकाली गई। यात्रा श्री शांतिनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर निशियां जी पहुंची। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान चंदन बेन मूलचंद चैटिया को श्री आदीश्वर भगवान का इक्षु रस से प्रक्षाल करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पारणा कल्याणक संपन्न हुआ और श्रद्धालुओं ने भगवान को इक्षु रस अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
राजकुमार श्रेयांश के स्वरूप में गुरचरण दास व प्रवीण कुमार परिवार ने भगवान एवं तपस्वियों का पारणा कराया। वर्षीतप के तपस्वियों ने पारणा लाभ लिया। धर्मसभा में प्रवचन करते हुए साध्वी प्रियधर्मा महाराज ने कहा कि हस्तिनापुर का यह स्थल अत्यंत पवित्र है, जहां प्रभु ने पारणा किया था। उनके पौत्र श्रेयांश कुमार ने यहां भव्य स्तूप बनवाकर चरण पादुका स्थापित की, जो आज निशियां जी के रूप में विख्यात है।
उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थल हमारी संस्कृति के प्रमुख आधार हैं और आध्यात्मिक उन्नति के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। शोभायात्रा में संघपति मनोज कुमार व लोकेश कुमार रहे। भगवान को रथ में विराजमान कराने का सौभाग्य ईशा बेन मीठालाल और सारथी बनने का अवसर चंपा बेन को मिला।
समिति के प्रधान त्रिलोकचंद जैन ने बताया कि मंगलवार को महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम में महामंत्री शुभकांत जैन, तेजपाल सिंह, अतुल कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह व सचिन कुमार सहित स्टाफ का सहयोग रहा।