दौराला। कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। ठंड में झुग्गी और रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले लोगों के लिए अलाव ही सहारा है लेकिन अलाव नहीं मिलने से लोग खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं।
ठंड का प्रकोप बढ़ते ही कस्बे, शहर, गांव में अलाव की व्यवस्था करने के प्रशासन ने निर्देश दे रखे हैं लेकिन अधिकांश इलाकों में अभी भी अलाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। दौराला में रेलवे स्टेशन पर कुछ लोग झोपड़ी डालकर रह रहें हैं जबकि कुछ लोग बिना झोपड़ी के ही रात गुजार रहें हैं। उन्होंने बताया कि रात में उन्हें कोई अलाव नहीं दिया जा रहा है। वह फलों की खाली लकड़ी की पेटी खरीदकर ला रहे हैं और उसी में आग लगाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। खुले आसमान के नीचे शीतलहर में वह रात भर ठिठुरते रहते हैं। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी यही हाल है।