मेरठ। होली के बाद शहर में त्वचा संबंधी एलर्जी और आंखों में जलन के मामले बढ़ गए हैं। मौसम में बदलाव के कारण खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज भी तेजी से बढ़े हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी नर्सिंग होम में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
बदलते मौसम का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि सुबह-शाम ठंड और दोपहर में तेज धूप बीमारियों को बढ़ा रही है। सूखी खांसी, शरीर में जकड़न और बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। हृदय और सांस के रोगियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सांस लेने वाले यंत्र को हर समय अपने साथ रखने की सलाह दी गई है। छाती में जकड़न या सांस लेने में दिक्कत होने पर इस यंत्र का प्रयोग करें। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अन्य रोगियों को सावधान रहने को कहा है। अभी से ठंडा पानी, शीतल पेय, सॉफ़्टी, कुल्फी और आइसक्रीम का सेवन परेशानी बढ़ा सकता है।
खानपान और सावधानी
जिला अस्पताल के डॉ. पीके बंसल ने मौसम में बदलाव के दौरान सजग रहने की बात कही। उन्होंने बताया कि सही आहार दिल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। लाल मिर्च, मैदा, जंक फ़ूड और मीठे पेय से दूरी बनाना आवश्यक है। कई अनाजों का आटा, ठंडी विधि से निकाले गए तेल, मौसमी फल-सब्जियां और हल्का प्रोटीन दिल को मजबूत रखते हैं।
हृदय रोगियों के लिए विशेष सलाह
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि थोड़ा भी चलने में सांस फूलने पर एहतियात बरतें। हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है। चिकना, तला-भुना और मसालेदार भोजन छोड़कर हल्का और सुपाच्य आहार लें। मधुमेह और रक्तचाप के मरीज नियमित दवाएं लें और अपनी जांच कराते रहें। तड़के तीन-चार बजे सीने में दर्द होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए।