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कोरोना के सहारे दूसरी बीमारी ज्यादा ले रहीं जान, मेरठ में 22 जून तक 115 मरीजों की हुई मौत

Tue, 30 Jun 2020 01:22 AM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ

सार

- मेडिकल के कोविड वार्ड में कोरोना से 22 जून त115 मरीजों की हुई मौत 
- डॉक्टरों के अनुसार, 85 फीसदी मौत दूसरी बीमारी के कारण हुईं 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना से लोगों की मौत हो रही है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा मौतें अन्य बीमारियों से हो रही हैं। ऐसा कहना है मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ और कोविड का इलाज करने वाले डॉक्टरों का। उनका कहना है कि कोरोना के सहारे दूसरी बीमारियां लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं।

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मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में 22 जून तक कोरोना से 115 मरीजों की मौत हो चुकी थी। इनमें से 94 ऐसे मरीजों की मौत हुई, जिन्हें कोरोना से पहले अन्य गंभीर बीमारियां थीं। वहीं कोविड वार्ड में मरने वाले मेरठ के 40 फीसदी मरीज हैं। 60 फीसदी मौत का शिकार हुए लोग आसपास के जिलों से हैं। 

मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड सेंटर में हो रहीं मौतों को लेकर शासन गंभीर है। पूर्व में यहां केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश को मुख्यमंत्री ने ओएसडी बनाकर मेरठ भेजा। वे दो बार मेरठ के मेडिकल कॉलेज व अन्य कोविड अस्पतालों का निरीक्षण कर चुके हैं। प्रमुख सचिव स्तर के एक अन्य अधिकारी भी लगातार समीक्षा के लिए मेरठ आए।
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पांच दिन पहले ही आबकारी आयुक्त, प्रयागराज के साथ केजीएमयू के प्रोफेसर को नोडल अधिकारी बना कर मेरठ भेजा गया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में हो रही मौत का ऑडिट किया और एक एक मरीज की मौत के बारे में पूरी रिपोर्ट ली।

कोरोना के साथ दूसरी बीमारी 
- साहिबाबाद के राजेंद्र सिंह (48) 17 जून की सुबह भर्ती हुए थे। वह लंबे समय से मधुमेह के रोगी थे। इनके फेफड़ों में गंभीर निमोनिया था। 19 जून को उपचार के दौरान मौत हो गई। 

- गाजियाबाद की संजय कॉलोनी निवासी बच्चा फरमान तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया था। सिर में गंभीर चोट लगी थी। गंभीर हालत में मेडिकल लाया गया। अस्पताल में ब्रेन इंजरी के कारण दौरा भी पड़ा। रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। 

- शामली निवासी जुलेखा ( 65) 18 जून को मेडिकल में भर्ती हुईं। हालत गंभीर थी। 19 जून को इनकी मौत हो गई। महिला को क्रॉनिक पल्मोनरी डिजीज थी। इनको निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम था।   

- हापुड़ निवासी सुलेमान (53) को 16 जून को मेडिकल में भर्ती किया। मरीज कोरोना पॉजिटिव था। वह गंभीर निमोनिया के साथ क्रॉनिक लिवर डिजीज से पीड़ित था। पेट में पानी भरा हुआ था। काफी प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
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85 फीसदी से ज्यादा मरीज ठीक हुए 
मेडिकल के कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि मेरठ में 27 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। वह महाराष्ट्र से लौटा था। उसका परिवार और रिश्तेदार भी संक्रमित मिले थे। मरीज गंभीर स्थिति में होने के बाद स्वस्थ हुआ। एक साल के बच्चे से लेकर 83 साल के वृद्ध भी कोरोना को मात दे चुके हैं। गर्भवती महिलाएं भी ठीक होकर गई हैं। 
 
मेडिकल में कोरोना से 115 मरीजों की मौत हुईं हैं। 85 प्रतिशत मरीज ऐसे रहे, जिन्हें कोरोना के साथ दूसरी गंभीर बीमारियां भी थीं। मरने वालों में मेरठ से ज्यादा आसपास के जिलों के मरीज हैं। -डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य, नोडल अधिकारी 
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