लोकतंत्र और स्वतंत्रता सेनानियों की बल्ले-बल्ले
जरुरतमंद लोगों से अगर लोकतंत्र और स्वतंत्रता सेनानी की तुलना करें तो इनकी स्थिति कहीं ज्यादा बेहतर है। इनको 20 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है।
केस स्टडी
1. शास्त्रीनगर निवासी खुशबू ने विधवा पेंशन के लिए सरकारी विभागों के चक्कर काटे। इसके बाद कहीं जाकर उनकी पेंशन शुरू हुई। दो बच्चों के साथ 500 रुपये प्रतिमाह में गुजारा चलाना मुश्किल है। ऐसे में वह दुकान पर नौकरी कर अपना जीवनयापन कर रही हैं।
2. दिव्यांग नितिन अपने साथ-साथ अन्य दिव्यांग भाइयों की मदद करने के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने बताया कि मात्र 500 रुपये महीने से घर चलाना मुश्किल है। वैसे भी यह धनराशि तीन महीने में मिलती है। ऐसे में अन्य रोजगार करने पर ही घर चल सकता है।
3. शेरगढ़ी निवासी बालजत की उम्र 71 वर्ष है। उनके घरवालों का कहना है कि इससे उनकी दवाई आदि का खर्च निकल जाता है, लेकिन पेंशन को तीन महीने के बजाय हर महीने देना चाहिए।
विधवा पेंशन
कुल लाभार्थी - 40018
प्रतिमाह पेंशन - 500 रुपये
दिव्यांग पेंशन
कुल लाभार्थी - 13 699
प्रतिमाह पेंशन - 500 रुपये
वृद्धावस्था पेंशन
कुल लाभार्थी - 28059
प्रतिमाह पेंशन - 500 रुपये
लोकतंत्र सेनानी
कुल लाभार्थी - 83
लोकतंत्र सेनानी आश्रित -10
प्रतिमाह पेंशन - 20 हजार
स्वतंत्रता सेनानी
कुल लाभार्थी - 2
स्वतंत्रता सेनानी आश्रित-24
प्रतिमाह पेंशन - 20176