युवती का आरोप, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म
आरोप लगाया है कि शादी करने का झांसा देकर दुष्कर्म की वारदात की। ब्लैकमेलिंग का आरोप भी लगाया। तत्कालीन एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने शिकायती पत्र डीएम दीपक मीणा को भेजा। एक महीने तक महिला अधिकारियों के कार्यालय में इंसाफ के लिए चक्कर काटती रही।
जुलाई में डीएम मेरठ को महिला ने लिखित में शिकायत दी। डीएम की संस्तुति के बाद संजय कुमार का तबादला हरदोई में भूलेख प्रशिक्षण संस्थान में चार महीने पहले हो गया था। पीसीएस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। जिसमें महिला द्वारा लगाए आरोपों की पुष्टि हो गई। डीएम मेरठ की जांच रिपोर्ट के आधार पर संजय कुमार को निलंबित कर दिया।
जांच रिपोर्ट में व्हाट्सएप चेटिंग से हुआ खुलासा
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि संजय कुमार और महिला के बीच व्हाट्सएप चेटिंग हुई। निलंबन के आदेश में अशोभनीय चेटिंग करने का आरोप संजय कुमार पर लगा है। मई 2024 में महिला और अधिकारी के बीच बातचीत हो गई थी। किसी वजह से संजय ने भी महिला से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
इसके बाद ही अधिकारी पर कार्रवाई कराने के लिए महिला लगातार अधिकारियों के यहां पर चक्कर काटने लगी। महिला ने अधिकारी द्वारा मोबाइल पर भेजे मेसेज भी जांच अधिकारी को सौंपे। मोबाइल पर बात का ऑडियो भी महिला ने अधिकारियों को दिया था। पीसीएस अधिकारी संजय कुमार ने बयानों मेंं खुद को बेकसूर बताया। महिला द्वारा बातचीत करने का सिलसिला शुरू किया गया, इससे भी साक्ष्य जांच अधिकारी को संजय कुमार ने देना बताया है।
जांच में सत्य नहीं पाए गए आरोप -संजय कुमार
जांच रिपोर्ट में यौन शोषण के आरोप सत्य नहीं पाए गए। निलंबन के आदेश में अशोभनीय चेटिंग करने का आरोप लगाया गया, जबकि जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है। - संजय कुमार, पीसीएस अधिकारी