बुकिंग के बाद घरेलू गैस सिलिंडर नहीं मिलने की लोग परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत दिहाड़ी मजदूरों करने वाले लोगों के सामने आ रही है। काम छोड़कर सुबह ही लोग गैस सिलिंडर लेने के लिए नौचंदी मैदान में कतारों में खड़े होने के लिए मजबूर हो गए हैं। यही हाल रहा तो मुश्किलें और बढ़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
हापुड़ रोड स्थित रमन गैस एजेंसी के कर्मचारी नौचंदी मैदान में गाड़ी से सिलिंडर वितरण के लिए आते हैं। बुकिंग के बाद पहले गैस डिलीवरी की तारीख दी जाती है। इसके बाद लोग खाली सिलिंडर लेकर लाइन में लगते हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद खाली सिलिंडर जमा करके भरा सिलिंडर मिलने की तारीख दी जाती है। जब भरा सिलिंडर मिलने की बारी आती है तो गाड़ी में सिलिंडर खत्म हो जाते हैं और लोगों को फिर मिलती है अगली तारीख। लोगों ने जिला प्रशासन से गैस दिलवाने की मांग की है।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने गैस बुकिंग के तीन-चार दिन में होम डिलीवरी करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कई एजेंसियों पर लोगों को गैस सिलिंडर की बजाय तारीख पर तारीख मिल रही है। ऐसी ही स्थिति हापुड़ सड़क स्थित रमन गैस एजेंसी पर मिली। एजेंसी के कर्मचारी एलपीजी सिलिंडर से भरी गाड़ी से नौचंदी मैदान में सिलिंडर लोगों को देते हैं। बुधवार को भी भीषण गर्मी के बीच लोग अपने खाली सिलिंडर लेकर लाइन में लगे थे।
मजदूरी कर परिवार का गुजारा करने वाले किदवई नगर निवासी मोहम्मद आसिम बताते हैं कि वह 10 दिन से गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं। होम डिलीवरी का वादा करके गैस एजेंसी की ओर से यहां लाइन लगवाई जा रही है। बुकिंग के बाद एक तारीख दी जाती है। उस तारीख पर नौचंदी मैदान में खाली सिलिंडर लेकर पहुंचते हैं। खाली सिलिंडर जमा करके भरा हुआ सिलिंडर जमा करने की तारीख पर्ची पर लिखकर दी जाती है। उस तारीख पर आने पर फिर लाइन में लगते हैं। जब तक नंबर आता है तो सिलिंडर खत्म हो जाते हैं और फिर नई तारीख मिल जाती है। वह दिहाड़ी छोड़कर गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं।
इसी तरह फतेहुल्लापुर निवासी ई-रिक्शा चालक सोनू भी गैस सिलिंडर लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। 16 अप्रैल को बुकिंग हुई थी और अभी तक खाली सिलिंडर भी जमा नहीं हुआ है। सिलिंडर जमा करने के बाद फिर तारीख मिलेगी।
इस्लामाबाद निवासी मुकीम ने बताया कि वह काम छोड़कर सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। खाली सिलिंडर जमा करने के बाद तारीख दी जा रही है, लेकिन तय तारीख पर भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गैस नहीं होने पर चूल्हे पर खाना बना रहे हैं।
कांच का पुल निवासी मुजम्मिल ने बताया कि वह चार दिन से गैस सिलिंडर के लिए आ रहा है। वह सिलाई का काम छोड़कर आज गैस लेने आया, लेकिन गैस खत्म होने पर उसे फिर अगली तारीख दी गई है।
खाली सिलिंडर जमा करने का नहीं प्रावधान
जिला प्रशासन पहले ही गैस की 100 प्रतिशत होम डिलीवरी का निर्देश दे चुका है, इसके बाद भी लोगों को लाइन लगाकर सिलिंडर लेने पड़ रहे हैं। लाइन में लगे लोगों ने बताया कि गैस की गाड़ी चार दिन आई है। इस कारण ही लोग परेशान हो रहे हैं। खाली सिलिंडर जमा करके पर्ची देने का भी कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद भी गैस एजेंसी के कर्मचारियों की ओर से लोगों को पर्चियां जारी की जा रही हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से गैस सप्लाई में राहत दिलाने की मांग की है।
बयान
गैस की होम डिलीवरी करने का नियम है। खाली सिलिंडर जमा करके पर्ची बनाकर देना गलत है। रमन गैस एजेंसी को पहले भी नोटिस दिया गया था, उसका भी जवाब नहीं दिया है। नहीं सुधरने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी मेरठ।
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डिलीवरी में दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इधर, तीन-चार दिन बाद गैस सिलिंडर की गाड़ी आई थी। इससे थोड़ी परेशानी हुई है। बृहस्पतिवार से गैस डिलीवरी की स्थिति ठीक हो जाएगी।
-शुभम कांत अहलूवालिया, संचालक रमन गैस एजेंसी।