मेरठ। मेरठ से रेवाड़ी के बीच चलने वाली मेरठ शटल पैसेंजर यात्रियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। खासकर रेवाड़ी से वापस मेरठ आते समय यह ट्रेन प्रतिदिन एक से दो घंटे लेट चलती है। कई बार मेरठ से रेवाड़ी जाते समय भी यह ट्रेन लेट होती है। इससे छात्र न तो समय पर कॉलेज जा पाते हैं ना कर्मचारी अपने दफ्तर। नौकरीपेशा और कारोबारी ज्यादा परेशान हैं। लोगों ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रेन की लेटलतीफी ने सुधार लाने की गुहार लगाई है।
कंकरखेड़ा निवासी सतीश कुमार दिल्ली में नौकरी करते हैं। ट्रेन लेट होने से वह न तो कभी समय से दफ्तर पहुंच पाते हैं न ही घर आ पाते हैं। उनका कहना है कि रेलवे के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर उन्होंने मांग की कि मेरठ कैंट से नई दिल्ली तक एक ईएमयू चलाई जाए। ताकि यात्री सही समय पर अपने संस्थानों में कार्य स्थल तक पहुंच सकें। इसी तरह ब्रह्मपुरी निवासी रामकुमार भी शाहदरा में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वह 20 साल से मेरठ शटल से शाहदरा तक की यात्रा कर रहे हैं। पिछले एक साल से मेरठ शटल वापस आते समय घंटों लेट हो जाती है। इससे वह परेशान हो उठे हैं। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस ट्रेन को सही समय पर चलाने का आग्रह किया है।
मेरठ से दिल्ली जाने के लिए दैनिक यात्रियों के लिए यह पैसेंजर ट्रेन सबसे सुगम रही है। लोगों का कहना है कि यह ट्रेन जब से रेवाड़ी जा रही है तब से शायद ही कभी निर्धारित समय पर वापस लौटी हो। रेवाड़ी से मेरठ लौटते समय इस ट्रेन का नाम श्रीगंगानगर एक्सप्रेस हो जाता है। यह ट्रेन मेरठ आते-आते एक से दो घंटा लेट हो जाती है। सोमवार को जहां मेरठ से दिल्ली जाने वाली मेरठ शटल सुबह 6: 45 बजे की बजाय लगभग 7:35 पर रवाना हुई वहीं वापसी में रेवाड़ी से मेरठ आने वाली श्री गंगानगर एक्सप्रेस रात्रि में मेरठ सिटी स्टेशन पर एक घंटे से भी अधिक लेट पहुंची।
कोट
यह ट्रेन दिल्ली से रेवाड़ी की ओर आते समय लेट होती है। मेरठ से इस ट्रेन को निर्धारित समय पर ही दिल्ली के लिए रवाना करने का प्रयास किया जाता है। दूसरे स्टेशनों पर होने वाली लेटलतीफी के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। -सुनील जैन, स्टेशन अधीक्षक-मेरठ सिटी स्टेशन।