चौधरी चरण सिंह विवि में एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने वाले गिरोह के बाद मेरठ एसटीएफ ने दस दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार रात एसटीएफ की अलग-अलग टीमों ने मेरठ और गाजियाबाद भी अन्य युवकों की तलाश में दबिश दी है। एसटीएफ की एक टीम बिजनौर भेजी गई है। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस गैंग ने दिल्ली के अलावा यूपी के कई शहरों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
एसपी एसटीएफ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सोनू निवासी बिजनौर और उसके साथी गौरव ने बताया कि वर्ष 2012-13 से वह ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी कर रहे थे। एसएससी के अलावा अन्य ऑनलाइन परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली गई। परीक्षा पास करने के लिए तीन लाख रुपये और नौकरी लगाने का ठेका 15 लाख में रुपये में लिया जाता था। वर्ष 2016 में हुई क्लर्क भर्ती के लिए भी इस गिरोह ने मोटी रकम वसूली है।
पकड़े गए अजय ने बताया कि सोमवार को एसएससी की हुई परीक्षा में वह खुद एक सेंटर पर पहुंचा था। जांच पड़ताल में सामने आया कि एक दिन में होने वाली परीक्षाओं की तीन पाली होती है। हर पाली में हर सेंटर में चार से आठ अभ्यर्थी ऐसे शामिल होते थे, जिनसे पैसा लेकर बैठाया गया है। जिन सेंटरों पर सेटिंग वाले अभ्यर्थी बैठते थे, वहां अलग स्क्रीन वाले कंप्यूटर लगाते थे। परीक्षा वाले सेंटर के मालिकों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनकी मिलीभगत से साल्वर गिरोह सेंधमारी कर रहा था।
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