प्रदेश में होमगार्डों को स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है। अब होमगार्ड डंडे या सिपाही की राइफल पकड़कर ड्यूटी नहीं करेंगे।, बल्कि वे अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे। मेरठ जिले में होमगार्डों को 500 इंसास मिल गई हैं। ट्रेनिंग देकर उनको ये सौंपी जाएंगी। होमगार्ड कमांडेंट ने बताया है कि अप्रैल से भत्ता बढे़गा। रोजाना 500 रुपये के हिसाब से उनको पैसा मिल सकता है। इसको देखते हुए ग्रेजुएट स्टूडेंट में भी होमगार्ड बनने का क्रेज बढ़ने लगा है। इंसास से लैस होमगार्ड अब अधिकारियों और नेताओं की सुरक्षा में भी लगाए जाएंगे।
इंसास की दी जाएगी ट्रेनिंग
होमगार्ड कमांडेंट का कहना कि जल्द ही होमगार्डों को इंसास चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। मेरठ में दो हजार होमगार्ड हैं, जिनकी रोजाना ड्यूटी लगती है। 500 होमगार्डों अधिकारी या फिर नेताओं की सुरक्षा में लगे हैं। जिसमें 75 होमगार्डों को थ्री-नोट-थ्री की राइफल मिली हुई है। जिनको कई बार होमगार्ड नहीं चला पाते। यह 500 इंसास होमगार्डों को देने के बाद फिर दूसरे होमगार्डों को अत्याधुनिक हथियार दिए जाएंगे।
अप्रैल से बढ़ेगा भत्ता
जिला कमांडेंट होमगार्ड सुधाकर चार्य पांडेय का कहना है कि होमगार्डों को अब 375 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। अप्रैल से होमगार्डों का भत्ता बढ़ जाएगा। उम्मीद है कि होमगार्डों को 500 प्रतिदिन मिलेंगे। इसके अलावा भी होमगार्डों को सिपाही की तर्ज पर वेतन दिलवाने की प्रक्रिया चल रही है। कई राज्यों में सिपाहियों जितना वेतन होमगार्ड को मिलता है। लेकिन यूपी में होमगार्डों की संख्या ज्यादा होने के चलते ये प्रक्रिया नहीं बन पा रही। हालांकि प्रयास जारी हैं।