मेरठ। शहर के थानों के बाहर लावारिस और मुकदमों से संबंधित वाहनों का अंबार लगा है। इनकी वजह से सड़क पर अक्सर जाम लगता है। सालों से खड़े अधिकतर वाहन कबाड़ हो चुके हैं। इस समस्या का निस्तारण करने के लिए एनएच-58 पर सेंट्रल वाहन गोदाम बनाया जा रहा है। इसके अलावा थानों में पुलिस और फरियादियों के वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग भी बनेगी। शहर के 15 थानों से लावारिस वाहनों का रिकॉर्ड मांगा गया है।
परतापुर इंटरचेंज के पास हाईवे पर छह हजार गज में सेंट्रल वाहन गोदाम बनाया जा रहा है। यहां थानों के लावारिस वाहन खड़े किए जाएंगे। शनिवार को परतापुर थाने के वाहन सेंट्रल गोदाम में पहुंचाए गए। कबाड़ वाहनों के हटने से खाली जगह पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। पुलिस ने बताया कि लावारिस वाहनों की नीलाम कराने के लिए पुलिस जूझती रहती है। समय पर नीलामी नहीं होने से थानों में वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। एएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शहर के 15 थानों से लावारिस और मुकदमे से संबंधित वाहनों की जानकारी मांगी गई है। इन्हें सेंट्रल गोदाम में रखने की बात की गई है। एसपी सिटी ने सभी थानेदारों को लावारिस वाहनों की सूची एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की किरकिरी नहीं होगी
पुलिस ने बताया कि थाने में पार्किंग नहीं होने से कई बार थाने के आसपास से फरियादियों के वाहन चोरी हो जाते हैं। इससे पुलिस की किरकिरी होती है। कबाड़ हटने से पार्किंग बन जाएगी। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि सेंट्रल वाहन गोदाम से थानों की व्यवस्था बेहतर होगी। हाईवे पर पुलिस की जमीन आने वाले समय के लिए कारगर सिद्ध होगी। हाईवे पर थाना बनाने का प्रस्ताव भी भेज सकते हैं।