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रिश्वत लेने पर परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी व दरोगा निलंबित

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मेरठ। जानलेवा हमले के मामले में विवेचना में लापरवाही और रिश्वत लेने के आरोप में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी संजय द्विवेदी और दरोगा योगेश गिरी को निलंबित कर दिया है। फलावदा थाने के इस मामले में शिकायत पर एसएसपी ने गोपनीय जांच कराई थी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को विभागीय जांच सौंंपी गई है।
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27 अप्रैल 2025 को ग्राम नगला हरेरू निवासी हमदान ने फलावदा थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि वह 25 अप्रैल को जमानत पर जेल से आया है। 27 अप्रैल को वह अपने ममेरे भाई सब्बू उर्फ सबाउद्दीन के साथ खेतों पर गया। आरोप था कि जब वह नलकूप पर था तो बाइक सवार खुर्रम समी, कल्लू, नकीब, टाटी उर्फ शाहवेज व दो अज्ञात आए। इनमें खुर्रम व कालू ने जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली सब्बू के दाहिने पैर में लगी। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। मेडिकल जांच में नजदीक से गोली लगने की पुष्टि हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार कुछ युवक देखे गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि हमदान ने अपने भाई शब्बू व अन्य साथियों के साथ मिलकर विपक्षियों को फंसाने के लिए खुद ही गोली चलाई थी। इसके बाद भी शाहवेज, शाकिर व साद को जेल भेज दिया गया। पुलिस की हमदान से रुपये मांगने की ऑडियो भी वायरल हुई थी। दूसरे पक्ष ने मामले की शिकायत एसएसपी से की थी। एसएसपी ने मामले की गोपनीय जांच कराई गई। जांच में फलावदा थाना के तत्कालीन प्रभारी संजय कुमार द्विवेदी तथा हलका दारोगा योगेश गिरी को विवेचना में लापरवाही तथा आर्थिक लाभ लेने का दोषी पाया गया।
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