मेरठ। बच्चे का अच्छे स्कूल में दाखिला कराना माता-पिता के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल में होने वाले इंटरेक्शन के लिए मम्मी-पापा भी तैयारी कर रहे हैं, वहीं बच्चों के एडमिशन के लिए कागजात जुटाना मुश्किल हो रहा है।
शहर के सभी स्कूलों ने नर्सरी में बच्चों के प्रवेश के लिए जन्म प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसमें कुछ नामचीन स्कूलों ने जन्म प्रमाणपत्र बालक के जन्म के तीन माह के भीतर बना हुआ ही मान्य किया है। अगर जन्म के तीन माह के अंदर जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना हैै, उसके बाद बना है तो उसे नहीं माना जाएगा। कई अभिभावक ऐसे हैं जिनके पास बच्चे के जन्म से तीन माह में बना हुआ जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। स्कूलों ने निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र मानने से भी इनकार कर दिया है। प्रवेश के नियमों में साफ निर्देश हैं कि जन्म प्रमाणपत्र छावनी बोर्ड, नगर निगम या सरकारी अस्पताल से बना हुआ होना चाहिए। निजी अस्पतालों के जन्म प्रमाणपत्र को नहीं माना जाएगा। अभिभावक परेशान हैं कि इन नियमों के अनुसार बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र कहां से लाएं। हालांकि बोर्ड की ओर से ऐसा कोई नियम नहीं है।