बिटिया का हर साल बर्थडे मनाने वाले पापा आज दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें दिल को तार तार करती हैं क्योंकि वो बहुत अच्छे थे और हमें बहुत प्यार करते थे। उन दरिंदों का हमने क्या बिगाड़ा था जिन्होंने मेरे घर की खुशियां छीन ली। अब तो ये दुनिया भी सूनी सी लगती है क्योंकि अकेली सी इस दुनिया में मदद के लिये कोई हैं ही नहीं। जिसके सहारे लोग इंसाफ की उम्मीद रखते है उनके माथे पर तो काली पट्टी बंधी हुई है और वे अपराधियों जैसी भाषा में ही बात करते है। उनसे तो इंसाफ की गुहार लगाना भी एक जुर्म सा लगता है, पता है कि वो कुछ करेंगे ही नहीं, सिवाए आश्वासन देने के...लेकिन मुझे इंसाफ चाहिए, चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े। बदमाशों से कहीं ज्यादा बढ़कर हौसला रखने वाली इस महिला को इंसाफ मिलेगा या नहीं यह तो समय बताएगा। लेकिन इनके जज्बे को सलाम करना तो बनता है।
मृतक की फाइल फोटो
एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां अब बुझी-बुझी सी है, कहां चली गई वो खुशियां जिनका आज मासूम को बेसब्री से इंतजार हैं। मेरे पापा बहुत अच्छे है और मेरा बर्थडे खुशी से मनाते है। मम्मी पापा कब आएंगे आज मेरा बर्थडे है। लेकिन इस मासूम को क्या पता कि कुछ दरिंदों ने उनके पापा को बेरहमी से मार दिया है। पत्नी के आंसू थम नहीं रहे और पुलिस आश्वासन के सिवा कुछ कर नहीं रही। ऐसे में अपराधों को सजा दिलाना पत्नी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मगर पत्नी का कहना है कि आरोपियों को सजा दिलाकर ही शांत बैठूंगी। जब पुलिस ने कार्रवाई में खानापूर्ति की तो महिला ने मीडिया का सहारा ले लिया और बुधवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि 29 अप्रैल की रात को बदमाशों ने मेरे पति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने शुरूआती कार्रवाई करने के बाद बदमाशों के दबाव में आकर कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस कहती तो बहुत कुछ है लेकिन कर कुछ नहीं रही। सवाल है कि महिला को इंसाफ मिले तो कैसे?
पत्नी को मिल रही धमकी
इंसाफ की गुहार लगाती महिला
अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग कर रही पीड़िता को बदमाश लगातार धमकी दे रहे हैं कि जो हाल तेरे पति का किया है वहीं हाल तेरा भी कर देंगे नहीं तो घर में चुप बैठ जा। वाह! भले ही सरकार बदली, लेकिन प्रदेश के जमीनी हालात क्या है इससे तो आप बखूबी रूबरू होंगे। हर रोज देखते व पढ़ते होंगे कि आज यहां किसी की हत्या कर दी तो कल वहां किसी हत्या कर दी गई। अब तो ऐसा लगता है कि हत्या करना सबसे आसान काम हो गया हो, क्योंकि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि वो एक बार भी नहीं सोचते कि अपराध करने के बाद हमारा क्या होगा। और हत्या पर हत्या करते हैं बिगड़ता उनका कुछ नहीं केवल थानों में उनके नामों की फाइलें बढ़ती रहती है जिनके बोझ से ही पुलिस वाले डर कर उन्हें नहीं खोलते और वे फाइलें वहीं की वहीं दबी रह जाती है। इस कलयुगी दुनिया में इंसाफ की आस लगाना तो छोड़ ही दें, क्योंकि आश्वासन के सिवाएं कुछ नहीं मिलना है।
प्रशासन के लाखों दावे हो रहे फेल
दुखी इस परिवार को चाहिए इंसाफ
शासन द्वारा तबादले पर तबादले करने का मतलब तो सरकार की नजरों में अपराध के ग्रॉफ को नीचे गिराना है, लेकिन प्रदेश की वर्तमान स्थिति क्या है यह तो आप अच्छे से जानते होंगे। वहीं प्रशासन भी दावे पर दावे कर रहा है मगर जमीनी हालतों में कोई सुधार नहीं होता दिख रहा। बल्कि अपराध का ग्रॉफ और ऊंचा होता जा रहा है। राजधानी में सुर्खियां बटोर कर मेरठ की कमान संभालने वाली आईपीएस लेडी सिंघम मंजिल सैनी दहल से लोगों को काफी उम्मीदें है। मगर सवाल एक ही कि काफी चर्चित चेहरों में शामिल मंजिल सैनी इस बढ़ते अपराध के ग्रॉफ को कितना नीचे लेकर आएंगी यह बड़ा सवाल है। आज उस परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे जिनके घर में आज खुशियों का माहोल होना चाहिए था। आश्वासन देने के बजाए कार्रवाई करें प्रशासन...।
गौरतलब है कि सुबोध हत्याकांड में पल्लवपुरम पुलिस तीन माह बाद भी नामजद पांच आरोपियों में से किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बुधवार को सुबोध की पत्नी ज्योति पंडित ने चार साल की बेटी आराध्या के जन्मदिन पर प्रेस वार्ता कर पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ के आरोप लगाए। आराध्या बर्थडे गिफ्ट के रूप में अपने पापा से मिलने की जिद पर बिलख पड़ी। आनंद निकेतन कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुबोध शर्मा की विगत 29 अप्रैल की रात हाईवे पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। सुबोध के भाई ने रंजिशन हत्या करने के आरोप में खतौली और मुजफ्फरनगर निवासी ड्रग इंस्पेक्टर राजेश यादव, राजबीर उर्फ टीटू, दीपक बंसल, सुधीर शर्मा और धर्मेंद्र को नामजद किया था। ज्योति ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस से लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बावजूद आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए। बेटी आराध्या और बेटा प्रभव (11) पिता को याद कर रोते हैं। आरोप लगाया कि घटना की रात उनके पति जिस स्कूटी पर थे, वह भी चोरी हो गई थी। पुलिस अभी तक स्कूटी तक का सुराग नहीं लगा पाई। पुलिस आरोपियों से मिल चुकी है, इसलिए गिरफ्तारी नहीं कर रही। इस मामले की क्राइम ब्रांच से जांच कराई जाए। इंसाफ न मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी।
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