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पंचायत बोली- रामकुमार ने भाजपा विधायक संगीत सोम को किया ब्लैकमेल

Wed, 18 Apr 2018 02:53 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पंचायत में बोलते भाजपा विधायक संगीत सोम - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा विधायक ठा. संगीत सोम पर उनके ही गांव निवासी रामकुमार द्वारा 53 लाख हड़पने के आरोपों पर विधायक के पैतृक गांव फरीदपुर मोमिन स्थित सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में साढ़े तीन घंटे पंचायत चली। जिसमें पंचों ने विधायक को क्लीन चिट देते हुए रामकुमार द्वारा विधायक को ब्लैकमेल करने की बात कही। पंचायत ने रामकुमार और विधायक के पिता के चले आ रहे पुराने विवाद का भी निस्तारण करा दिया। वहीं, पंचायत में रामकुमार ने यह भी कहा कि उसे विधायक के साथ विवाद जारी रखने के लिए 9 लाख रुपये का ऑफर किसी ने दिया था। 

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यह था प्रकरण
विधायक संगीत सोम के पिता ओमवीर सिंह और गांव के ही रामकुमार पुत्र जोधा सिंह ने साझे में दो वर्ष पूर्व ग्राम रार्धना के जंगल में ईंट भट्ठा लगाया था। इसमें घाटा होने पर रामकुमार ने खुद को अलग करने की बात कही। इस पर ओमवीर सिंह ने भट्ठे में रामकुमार से ज्यादा रुपये लगाने की बात कही। इस मामले में ग्रामीण दाताराम और रणवीर आदि की मौजूदगी में दोनों का हिसाब हुआ। लेकिन देनदारी बाकी रह गयी। इसमें रामकुमार का कहना था कि उसके 9 लाख रुपये ओमवीर सिंह पर बकाया हैं। 

कर दिया था इकरारनामा
इस विवाद के दौरान ही साल 2017 का विधानसभा चुनाव शुरू हो गया। जिसमें रामकुमार ने होर्डिंग और प्रचार सामग्री के साथ लाउडस्पीकर से ठाकुर चौबीसी में विधायक पर रुपये बकाया होने का प्रचार करना शुरू कर दिया। चुनाव के मद्देनजर विधायक ने रामकुमार को बुलाकर कहा भी कि जब उनका इस मामले में कोई लेनादेना नहीं है, तो उन्हें क्यों बदनाम कर रहा है। लेकिन रामकुमार नहीं माना और कहा कि वह अपने पिता से पैसे दिलाएं। विधायक ने चुनाव बाद पैसा देने को कहा। लेकिन न मानने पर विधायक ने अपनी 9 लाख रुपये कीमत की जमीन का इकरारनामा रामकुमार के नाम कर दिया। 
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घर बेचकर भी रुपये देंगे 
विधायक संगीत सोम ने कहा कि यदि रामकुमार का आरोप साबित हो जाता है तो वे घर और संपत्ति बेचकर भी उसको रकम देने से पीछे नहीं हटेंगे। बात पैसे की नहीं बल्कि उन्हें चौबीसी ने जो विधायक बनाकर इज्जत दी है, उसे उछाला जा रहा है।

पढ़ें : मुजफ्फरनगर दंगा: भाजपा नेताओं से मुकदमे वापस लेने की तैयारी में योगी सरकार

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इकरारनामा वापस कराकर 9 लाख रुपये दे देना

पंचायत - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा शुरू हुई तो रामकुमार फिर से आरोप लगाने लगा। इस दौरान रामकुमार ने दो बार मेरठ आकर मीडिया के सामने भी विधायक द्वारा उसके 53 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। इस पर विधायक ने पांच दिन पूर्व रामकुमार को अपने कौशांबी स्थित आवास पर बुलाकर मीडिया तथा कुछ ग्रामीणों के सामने बात की। जिसमें रामकुमार ने स्वीकार किया कि उसका विधायक से नहीं, उनके पिता से विवाद है। जहां तय हुआ कि रामकुमार जमीन का इकरारनामा वापस करेगा और विधायक उसे 9 लाख रुपये देंगे। इसके बाद विधायक ने रामकुमार के साथ आए अमित प्रधान रार्धना, रणवीर सिंह खेड़ा और दाताराम फरीदपुर को 9 लाख देकर कहा कि रामकुमार से इकरारनामा वापस कराकर उसे ये पैसे दे दें। 

सहमति बनने पर गांव आकर मुकरा
लेकिन गांव आकर रामकुमार फिर से मुकर गया और पैसे मांगते हुए इकरारनामा बाद में वापस करने की बात करने लगा। जिस पर विधायक ने खुद को न्याय दिलाने के लिए गांव में ठाकुर चौबीसी की पंचायत बुलायी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद पंचों ने कहा कि रामकुमार का विवाद विधायक संगीत सोम के पिता से था। लेकिन उसने विधायक को ब्लैकमेल किया। इसके लिए पंचायत ने रामकुमार को लताड़ लगायी और विधायक को क्लीन चिट दे दी। पंचायत की अध्यक्षता रेशपाल सिंह कपसाड़ ने की। फरीदपुर से प्रधान शिवकुमार, पूर्व प्रधान शिवकुमार, सुभाष गौड़, रामवीर सिंह, सतीश कुमार, मुकेश कुमार उर्फ हप्पू, दाताराम, अमित रार्धना, सुनील अक्खेपर, ओमवीर खेड़ा, बबलू रार्धना, शेखर सोम कुशावली, विनोद मैनेजर, लोकेश कुमार, गंगा सिंह अटेरना, सुनील कुशावली मौजूद रहे।

कई सवालों पर साधी चुप्पी 
पंचायत में रार्धना प्रधान अमित कुमार और कपसाड़ के पूर्व प्रधान सतीश कुमार ने कहा कि ओमवीर से साझे में भट्ठा लगाते समय रामकुमार ने विधायक से कोई बातचीत की थी। इस पर रामकुमार चुप्पी साध गया। वहीं, पंच और कई ग्रामीणों ने पूछताछ में कई सवाल किए तो रामकुमार लगातार रकम भी बदलता रहा। पंचायत में रामकुमार ने कभी 53 तो कभी 18 और फिर 9 लाख रुपये बताए। पंचों ने कहा कि यदि पिता का कर्ज बेटा देता है तो रामकुमार को ओमवीर के तीनों बेटों से पैसे मांगने चाहिए थे। लेकिन उसने विधायक के खिलाफ ही प्रचार क्यों किया? इस पर रामकुमार चुप्पी साधे बैठा रहा।

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