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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : नए आदेश से बदल जाएगा सीटों का आरक्षण, जिला पंचायत की गरमाएगी राजनीति 

Tue, 16 Mar 2021 01:04 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

 - जिपं अध्यक्ष, सदस्य और ग्राम प्रधान सभी के आरक्षण में होगा फेरबदल 
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पंचायत चुनाव
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विस्तार
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी, वही हुआ। हाईकोर्ट ने 2015 के चुनाव को आधार मानकर आरक्षण का निर्धारण करने का आदेश दिया है। इसके बाद अब तक निर्धारित किए गए आरक्षण में पूरी तरह फेरबदल होने की संभावना है। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख से लेकर ग्राम प्रधान तक के आरक्षण में बदलाव हो सकता है।
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जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, बीडीसी तथा ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन दो मार्च को जारी किया गया था जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण शासन स्तर से पहले ही अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया था।

पहले आरक्षण का निर्धारण 1995 को आधार वर्ष मानकर चक्रानुक्रम में किया गया था लेकिन अब हाईकोर्ट ने 2015 के चुनाव को आधार वर्ष मानकर आरक्षण जारी करने के आदेश दिए हैं।
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जानकारों का कहना है कि नए आदेश से जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य, ब्लॉक प्रमुख एवं बीडीसी, ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य सभी पदों का आरक्षण प्रभावित होगा। ज्यादातर सीटों पर आरक्षण बदलने की उम्मीद है। 2015 में निर्धारित रहे आरक्षण से अगली श्रेणी के लिए पंचायतों का आरक्षण किया जाएगा। 

जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से दावेदारों का उत्साह ठंडा पड़ गया था। केवल दो ही वार्डों पर कुछ गहमागहमी सी नजर आ रही थी लेकिन नए नियम से जिपं अध्यक्ष पद का आरक्षण बदलने की उम्मीद है। यह सीट सामान्य या ओबीसी में जाने की संभावना बन गई है। ऐसा हुआ तो जिला पंचायत की राजनीति में एक बार फिर से गरमाहट आ जाएगी। 

आदेेश आने के बाद ही साफ हो सकेगी तस्वीर 
शासन से आदेेश जारी होने के बाद ही अब आरक्षण की सही स्थिति का पता लग सकेगा। दरअसल 2015 के चुनाव में केवल ग्राम प्रधान पद का आरक्षण शून्य मानकर नया आरक्षण लागू किया गया था जबकि अन्य पदों का आरक्षण 1995 को आधार मानकर ही चक्रानुक्रम से किया गया था। यदि 2015 के आरक्षण को आधार माना गया तो केवल ग्राम प्रधान पद के आरक्षण में बदलाव होगा जबकि अन्य पदों का आरक्षण नहीं बदलेगा। यदि शासनादेेश में कोई बदलाव किया गया तो सभी पदों के आरक्षण में फेरबदल होगा। 
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फिर से अपनाई जाएगी पूरी प्रक्रिया 
आरक्षण को लेकर फिर से पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नया आदेश जारी होने से अब तक आरक्षण को लेकर जो भी कवायद हुई वह शून्य हो गई है। अब फिर से शासनादेश जारी होगा। इसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं।

इसके बाद 25 से 27 मार्च तक अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने की संभावना है। इसके बाद फिर आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण कर अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के चलते पंचायत चुुनाव लगभग एक माह आगे खिसने की उम्मीद है। 

इन्होंने कहा...
शासनादेश जारी होने के बाद ही सही तरीके से कुछ कहा जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में अब तो जो सुनने में आया, उससे आरक्षण में बदलाव होने की पूरी संभावना है। - आलोक शर्मा, डीपीआरओ।
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