पुलिस के मुताबिक करीब तीन लाख रुपये में दंपती के बीच समझौता हो गया। इसी दौरान आलोक ने पूजा के मामा और अधिवक्ता अजय के सिर पर हेलमेट से वार कर दिया। कचहरी में अधिवक्ता पर जानलेवा हमला होने का पता लगते काफी संख्या में अन्य वकील वहां पहुंचे। उन्होंने आरोपी आलोक, उसकी बहन राखी और बहनोई राहुल को पकड़ने की कोशिश की। बाद में पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस अधिवक्ताओं से छुड़ाकर किसी तरह उन्हें थाने लेकर पहुंची।
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने दो घंटे तक हंगामा किया। मेरठ बार अध्यक्ष महावीर त्यागी मौके पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं में आक्रोश देखते हुए सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह सहित कई थाने की पुलिस फोर्स कचहरी में तैनात रही।
आरोपियों को अधिवक्ताओं से बचाने में जुटी रही पुलिस
अधिवक्ता पर हमला करने के आरोपी आलोक और उसके परिजनों को कचहरी से थाने लाने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस को शक था कि अधिवक्ता आरोपियों के साथ मारपीट कर सकते हैं। गुस्साए वकील बार-बार आरोपियों को सामने लाने की बात कहते रहे और पुलिस उनको बचाने में लगी रही। जैसे तैसे पुलिस आरोपियों को थाने में लाई।
कचहरी से लेकर थाने तक हंगामा
इस घटना के बाद काफी संख्या में अधिवक्ताओं ने कचहरी से लेकर थाने तक हंगामा किया। अधिवक्ता आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह का कहना है कि सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।