सपा में भी भाजपा की तरह दावेदारों की लंबी लाइन है। इसका कारण जातिगत आंकड़ा है। आरक्षित वार्ड में खासतौर से सपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने वाले ज्यादा हैं। सजातीय मतदाताओं के साथ सपा प्रत्याशी के पक्ष में मुस्लिम वोट का मिलना तय मान रहे हैं।
वहीं सिवालखास के साथ ही सरधना विधानसभा क्षेत्र में रालोद से चुनाव लड़ने वालों की संख्या ज्यादा है। सिवालखास के वार्ड रालोद के मुफीद माने जा रहे हैं। दूसरी ओर सपा और रालोद में भी प्रत्याशी चयन में बगावत रोकने पर अलग से मंथन हो रहा है।
बसपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले
बसपा भले ही पंचायत चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी हो लेकिन काई रणनीति नजर नहीं आ रही है। हालांकि बसपा से पूर्व में चुनाव जीतने वाले फिर बसपा से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
सभी के लिए विधानसभा का ट्रायल
चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हो रहा है। ऐसे में सभी का प्रयास जिला पंचायत में अपने ज्यादा से ज्यादा सदस्य जिताने पर है, ताकि अध्यक्ष पद पर अपनी लामबंदी मजबूत कर सके।
उम्मीदवारों की घोषणा जल्द
रालोद जिला पंचायत के सभी वार्ड में प्रत्याशी उतारेगी। माहौल पूरी रालोद के पक्ष में है। बैठकों का सिलसिला चल रहा है। शीघ्र ही प्रत्याशियों की सूची जारी करेंगे। - चौ. यशवीर सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष, रालोद
प्रांतीय नेतृत्व जारी करेगा सूची
भाजपा ने प्रत्याशियों का वार्डवार पैनल बनाना शुरू कर दिया है। इसे क्षेत्रीय कमेटी को भेजा जाएगा। प्रत्याशियों की सूची प्रांतीय नेतृत्व की ओर से की जारी होगी। - अनुज राठी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
एक सप्ताह में तय हो जाएंगे प्रत्याशी
एक सप्ताह में हम पार्टी की ओर समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी कर देंगे। हर वार्ड में दावेदारों की लंबी लाइन है। इसलिए सूची तैयार करने में देरी हो रही है। - चौ. राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, सपा