जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण पर ज्यादा नजर
जिला पंचायत की राजनीति के धुरंधरों की नजर अध्यक्ष पद के आरक्षण पर है। इनमें कई दावेदार ऐसे हैं, जो अध्यक्ष पद का आरक्षण अनुकूल नहीं होने पर खुद को चुनावी दौड़ से बाहर कर लेंगे।
पुलिस मित्र रखेंगे अपराधियों और उनके करीबियों पर नजर
साल 2021 में पंचायत चुनाव चुनौती भरा रहेगा। जेल में बंद अपराधी भी जिला पंचायत, प्रधान, बीडीसी और ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी में जुटे हैं। अपराधियों और उनके कई करीबी दावेदारों के चुनाव मैदान में उतरने के मद्देनजर गांव-गांव में पुलिस मित्र बनाने की बात कही जा रही है। जेल में बंद अपराधियों को वहीं रोकने के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है।
पुलिस का कहना कि कई सालों से जेल में बंद शातिर अपराधियों को कई मामलों में जमानत मिल गई। इनमें से कई पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जेलों में रोका गया है। जिन गांवों में अपराधी या उनके करीबी दावेदारी कर रहे हैं, उनका रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ पुलिस बैठक करेगी।
यह भी पढ़ें: कोरोना: मेरठ में 13 लाख लोगों को लगेगा टीका, डीएम और सीएमओ ने लिया तैयारियों का जायजा
सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि 2020 में कोरोना के चलते पुलिस के सकारात्मक अभियान नहीं चल सके। 2021 में उन्हें पूरा किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों से पुलिस समन्वय बनाकर पुलिस मित्र अभियान चलाएगी। सोशल मीडिया पर सभी संदिग्ध गतिविधियों और भड़काऊ पोस्ट पर पैनी नजर रहेगी।
संगठित अपराध पर रहेगा फोकस
मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि 2021 में संगठित अपराध पर पुलिस का फोकस रहेगा। नए अपराधी नहीं बनने देंगे। 2020 में महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति अभियान चलाया गया है। इसका असर 2021 में देखने को मिलेगा। महिला अपराध पर अंकुश लगाने का सरकार का अभियान सकारात्मक होगा।
अपराधियों पर अंकुश को प्राथमिकता
आगामी पंचायत चुनाव में अपराधियों पर अंकुश और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण प्राथमिकता में है। महिला सुरक्षा के मद्देनजर मिशन शक्ति अभियान जारी रहेगा।
- राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन