ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन के होश उड़ने लगे हैं। पुलिस की नजर कई ऐसे दबंग बीडीसी सदस्यों पर है, जो चुनावी मैदान में आ चुके हैं। कुछ के सामने अपने गांवों में डमी उम्मीदवार हैं तो कुछ ने निर्विरोध की तैयारी कर ली है। प्रमुखी के चुनाव में बीडीसी सदस्यों को लेकर उठापटक के बीच पुलिस और प्रशासन ने पुख्ता तैयारी कर ली है।
रोहटा, जानी और मेरठ ब्लॉक के अलावा रजपुरा ब्लॉक के कई दबंग प्रत्याशी अपने को प्रमुख पद का मुख्य दावेदार मान रहे हैं। इन ब्लॉक क्षेत्रों से जुड़े संबंधित थाना प्रभारी आला अफसरों को जानकारी दे रहे हैं कि कई दबंगों के सामने अन्य किसी दूसरे ने बीडीसी का पर्चा नहीं भरा। कई ने अभी से संभावित जीत को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है।
एसएसपी डीसी दूबे ने देहात क्षेत्र के थाना प्रभारियों को इस मामले में निर्देश देते हुुए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिसमें प्रमुखी के चुनाव के लिए बीडीसी सदस्यों को जबरन उठाकर उन्हें या तो अज्ञात स्थान पर बंधक बना दिया जाता है, या फिर उन्हें धमकी देकर जबरन अपने पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बनाया जाता है।
चुनाव से ऐन वक्त पहले बीडीसी सदस्यों को हथियारों के बल पर उठा लिया जाता है। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए एक-एक बीडीसी सदस्य को लाखों रुपये में खरीद लिया जाता है, जिसमें निर्णायक सदस्य कभी कभी असमंजस में आ जाता है। और उसी के वोट पर प्रमुख पद की जीत तय होती है। इसमें प्रशासन क ो रंजिश और खून खराबे की आशंका सताने लगी है। जिसको लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर फोकस रखे हुए हैं। जिससे चुनाव में खून खराबे जैसी घटना को रोका जा सके। इसके लिए पुलिस अधिकारी संभावित प्रत्याशियों और ब्लॉकों के समीकरणों को देखते हुए अभी से तैयारी कर रहे हैं।
ब्लॉक प्रमुख की हो चुकी हत्या
मेरठ। पुलिस का कहना है कि 2007 में कं करखेड़ा फाटक के पास रजपुरा ब्लॉक हरीश सिरोही की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें गैंगवार और ब्लॉक प्रमुख की रंजिश का मामला सामने आया था। हरीश मूलत: बुलंदशहर के थे जो रजपुरा ब्लॉक प्रमुख बने थे।