जिला पंचायत चुनाव के रण में विरोधी एक-दूसरे को मात देने के लिए विभिन्न व्यूहों की रचना कर रहे हैं। कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन के वार्ड 16 से दाखिल किए गए पर्चे पर योगेश के प्रतिद्वंदी सुशील फौजी के पिता मंगलसेन ने आपत्ति दर्ज करा दी है। कहा है कि नामांकन पत्र पर सुमन के हस्ताक्षर फर्जी हैं।
योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन ने जिला पंचायत सदस्य केलिए वार्ड 16 से नामांकन पत्र दाखिल किया है। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच तथा आपत्ति दर्ज कराने का दिन था। इस पर सुशील फौजी के पिता मंगलसेन ने आपत्ति दर्ज करा दी है। कहा है कि सुमन के पर्चे पर प्रस्तावक ने ही सारे हस्ताक्षर किए हैं। सुमन से साइन नहीं कराए गए हैं। ऐसे में पर्चा निरस्त करने की मांग की गई है। रिटर्निंग ऑफिसर गौरव वर्मा ने इस बाबत बृहस्पतिवार को सुनवाई नियत की है। सुमन को नोटिस जारी किया है कि वे शाम चार बजे अपना पक्ष पेश करें।
वार्ड 16 के चुनाव में अनहोनी की आहट
मेरठ। जिला पंचायत के वार्ड 16 के चुनाव में अनहोनी की आहट अभी से होने लगी है। सुशील फौजी और योगेश भदौड़ा की अदावत जगजाहिर है। सुशील और ऊधम एक पाले में जबकि योगेश दूसरे पाले में है। प्रमोद भदौड़ा की हत्या के बाद मामला तब शुरू हुआ जब सुशील के भाई कृष्णपाल की हत्या हुई और आरोप लगा कि यह योगेश भदौड़ा ने किया है।
चंद दिनों बाद ही प्रमोद भदौड़ा के बेटे और योगेश के भतीजे चिंटू का मर्डर हो गया। इल्जाम गया सुशील के सिर पर। बदला लेने की नीयत से इस काम को अंजाम देने की बात कही गई। बस तभी से यह खूनी अदावत जारी है। इधर, चुनावी शंखनाद हुआ तो इसमें भी दोनों पक्षों ने आमने-सामने ताल ठोंक दी है।
योगेश की पत्नी तथा भाभी ने वार्ड 16 से पर्चा भरा है तो सुशील के पिता मंगलसेन ने भी उनके सामने इसी वार्ड से ताल ठोंक दी है। हालांकि सुशील दावा कर रहा था कि वह शांति से चुनाव चाहता है पर अब जिस तरह से सुमन के पर्चे पर आपत्ति लगाई गई है तो उसे साफ जाहिर है कि चुनावी संग्राम भी आसान नहीं होगा। सारे हथकंडे अपनाए जाएंगे।