कंकरखेड़ा की शिवलोकपुरी में ढाई वर्ष पूर्व शिक्षिका प्रतिमा की हत्या के मामले में दोषी पति देवेंद्र को न्यायालय अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 70 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। देवेंद्र ने शराब के लिए रुपये न देने पर हथौड़े से वार कर और चाकू से गला रेतकर पत्नी की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद देवेंद्र ने थाने पहुंच कर आत्मसमर्पण किया था। न्यायालय में सरकारी वकील पदम सिंह ने मुकदमे में कुल सात गवाह पेश किए।
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के शिवलोकपुरी में देवेंद्र अपनी पत्नी प्रतिमा और बेटे आशु के साथ रहता था। प्रतिमा नानू के सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। देवेंद्र काफी समय से बेरोजगार था। 14 अप्रैल 2022 की सुबह देवेंद्र ने प्रतिमा से शराब के लिए पैसे मांगे। प्रतिमा ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। इस पर दंपती में विवाद हो गया। प्रतिमा ने गुस्से में देवेंद्र को थप्पड़ मार दिया। देवेंद्र ने प्रतिमा के सिर पर हथौड़े से करीब 20 वार किए। इससे प्रतिमा लहूलुहान होकर गिर गई। उसकी सांस चल रही थी। तभी देवेंद्र ने चाकू से गला रेत दिया था। प्रतिमा के भाई विशाल ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मासूम पुत्र के सामने ही दिया वारदात को अंजाम
वारदात के दौरान प्रतिमा और देवेंद्र का पुत्र 12 वर्ष का था। वह सेंट पैट्रिक स्कूल में कक्षा-5 में पढ़ता था। आशु के सामने ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया था। मारपीट शुरू हुई तो आशु ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। वह पिता से मिन्नतें करता रहा। लेकिन देवेंद्र ने उसकी एक नहीं सुनी। बेटे के सामने ही पत्नी की हत्या कर दी।
दंपती ने किया था प्रेमविवाह
देवेंद्र शिवलोकपुरी में रहता था। प्रतिमा श्रद्धापुरी में रहती थी। प्रेमप्रसंग की जानकारी होने पर परिजनों ने दोनों की शादी करा दी थी। देवेंद्र शादी से पहले प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। शादी के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी। वह काफी शराब पीने लगा था। इसे लेकर पति-पत्नी में अकसर झगड़ा होता था। घर का खर्च प्रतिमा के वेतन से चलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि प्रतिमा और देवेंद्र के प्रेमविवाह का ऐसा अंत होगा।