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सुसाइड नोट में दर्द... आत्महत्या की हिस्ट्री बन गई हमेशा के लिए मिस्ट्री

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मेरठ। ब्रह्मपुरी में आसमां ने तीन बच्चियों की गर्दन काटकर खुदकुशी का प्रयास किया व परीक्षितगढ़ में रईस ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने के बाद फांसी लगाकर जान दी। इन दोनों वारदातों में चश्मदीद कोई दूसरा नहीं है। दोनों में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दर्द है, असली वजह नहीं लिखी है।
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यह दोनों घटना बृहस्पतिवार दोपहर एक से दो बजे के बीच में हुई हैं। दोनों घटना एक जैसी हैं। जिसमें मारने वाला भी अपना है और मरने वाला भी अपने है। कोई विरोध करने वाला भी नहीं था। घटना को करने से पहले सुसाइड नोट तक लिख दिया। ब्रह्मपुरी में आसमां ने सुसाइड नोट लिखने के बाद अपनी तीनों बच्चियों को मारकर और खुद भी जान देने का निर्णय ले लिया। उसके बाद पूरी प्लानिंग के तहत वारदात को अंजाम दिया। नतीजा रहा कि दो साल की बच्ची मरियम की मौत हो गई और आसमां जिंदगी मौत के बीच में लड़ रही है। दो बच्ची ठीक हैं। दूसरी वारदात में रईस ने भी पहले से सुसाइड नोट लिखकर पत्नी दो बेटे व एक बेटी मारकर खुदकुशी का प्लान बना लिया था। उसके बाद ही वारदात को अंजाम दिया। दोनों ही घटना में सुसाइड नोट मिला है। जिसमें आसमां ने थोड़ा सा अपना दर्द झलकाने का प्रयास किया। मौत के बाद अपनों से माफी मांगी है।
रईस ने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी से नाराजगी जताते अपने परिवार के लोगों से माफी मांगी है। परिवार के लिए यह दोनों घटनाएं जिंदगी भर का दर्द दे गईं। सुसाइड नोट को पढ़ने के बाद परिवार के लोग भी अलग-अलग उसका अर्थ निकाल रहे हैं।
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पुलिस नहीं गंभीर, खानापूर्ति की
दोनों ही घटना में पुलिस को सुसाइड नोट मिल गया है। जिसके बाद पुलिस ने घटना पर कोई गंभीरता नहीं बरती। पोस्टमार्टम कर खानापूर्ति कर ली। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सिर्फ नमूने लिए गए हैं।
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