मेरठ में कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हर जगह ऑक्सीजन व अस्पतालों में बेड की व्यवस्था न होने से लोग मौत का शिकार हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी देहात क्षेत्र के लोगों को उठानी पड़ रही है। ऐसे में दौराला शुगर मिल ने देहात के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सीएचसी दौराला में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का आश्वासन दिया है। साथ ही आईसीयू व वेंटिलेटर की व्यवस्था भी की जाएगी। जिसका कार्य जल्द शुरू होगा।
सीएचसी दौराला के प्रभारी डॉ. आशुतोष ने बताया कि ऑक्सीजन को लेकर मारामारी चल रही है। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी होने से मरीज दम तोड़ रहे हैं। वहीं, प्लांटों पर भी ऑक्सीजन लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतार लग जाती है। सीएचसी प्रभारी और जिलाधिकारी ने दौराला शुगर मिल मालिक आलोक बी श्रीधर व माधव श्रीधर से बात की थी। मिल मालिकों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इस प्रस्ताव को गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने हरी झंडी दे दी थी।
दौराला सीएचसी में 50 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट पाइप लाइन वाला होगा, जिससे कमरों में पाइपों के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन दी जाएगी। यदि आसपास का कोई अस्पताल ऑक्सीजन की मांग करता है तो वहां तक भी पाइप लाइन बिछवाने की व्यवस्था की जाएगी। प्लांट के अलावा सीएचसी में कमरों का निर्माण कराया जाएगा, जिनमें 30 बेड, आईसीयू वार्ड व वेंटिलेटर की व्यवस्था होगी।
मटौर पावर ग्रिड भी आगे आए
दौराला व्यापार संघ के अध्यक्ष ठाकुर हरपाल सिंह ने मिल मालिकों के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि मटौर पावर ग्रिड भी इस महामारी में आगे आए तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ओर भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
मवाना सीएचसी में कब लगेगा प्लांट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट कब लगना शुरू होगा। जिलाधिकारी के. बालाजी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजे पत्र में कहा था कि शुभम गोल्डी मसाले कंपनी की ओर से मेरठ जनपद में 45 लीटर प्रति मिनट क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव भेजा है। जिलाधिकारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से वार्ता के बाद उक्त प्लांट को सीएचसी परिसर मवाना में स्थापित करवाना प्रस्तावित किया था। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर का कहना है कि अभी कोई आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
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