बिजनौर। आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अक्तूबर माह का वेतन नहीं मिलने पर सोमवार को सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। काफी जद्दोजहद के बाद अधिकारियों ने वार्ता की। वेतन मिलने और किसी भी कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकालने के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया।
सोमवार को संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग/संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने नौ सूत्रीय मांग पत्र अधिकारियों को सौंपा। जिसमें उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अक्तूबर माह का वेतन देने, नियमित कर्मचारियों की तरह ही उनकी उपस्थिति कार्यालय में समय से मंगाने और प्रतिमाह समय से वेतन का भुगतान करने की मांग की। अक्तूबर का वेतन नहीं मिलने के कारण नाराज हुए कर्मचारियों ने नवंबर माह की अपनी उपस्थिति कार्य स्थल पर दर्ज नहीं की। उन सभी की उपस्थिति हड़ताल समय समाप्ति तक दर्ज कराई जाए।
इसके बाद एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि उनका वेतन ट्रेजरी भेज दिया है। साथ ही पटल सहायक नियुक्त कर दिया गया। उनकी समस्याओं का निस्तारण होगा।
- धरना स्थल पर तख्ती लेकर बैठा नजर आया बच्चा
सीएमओ कार्यालय में चल रहे धरने में एक छोटा बच्चा भी शामिल रहा। दरअसल धामपुर के ट्रामा सेंटर में कार्यरत नेहा भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी है। उसे भी अक्तूबर माह का उसका वेतन नहीं मिला। जिसके चलते उसके बेटे ने तख्ती ले रखी थी। जिस पर लिखा था कि सीएमओ साहब ने नहीं दिया मेरी मम्मी का वेतन, मैंने नहीं मनाई दीपावली।