आउटर रिंग रोड : 12 गांवों की जमीन खरीदने पर रोक
मेरठ। रुड़की रोड से मवाना रोड को जोड़ने वाली आउटर रिंग रोड के 13.4 किमी के हिस्से को बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दो सप्ताह पहले एनएचएआई ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। अब इसके हिस्से में आने वाले गांवों की जमीन खरीदने पर रोक लगा दी गई है। एनएचएआई परियोजना निदेशक और एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति ने साझा आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें 12 गांवों की जमीन शामिल है। 133.244 हेक्टेयर जमीन में से कुछ सरकारी भी है। 21 दिन बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शहर को जाम मुक्त करने के लिए तेजी से कवायद शुरू हो गई है। कई वर्षों से ये मामला स्थानीय विभागों की कार्यप्रणाली के कारण अटका था। अगले कुछ दिनों में भूमि की पैमाइश के बाद मुआवजा वितरण शुरू कर दिया जाएगा। जिससे इस आउटर रिंग रोड के हिस्से को जल्द पूरा बनाया जा सके। पिछले वर्ष-2020 में सांसद राजेंद्र अग्रवाल के प्रयासों से केंद्रीय परिवहन मंत्री ने 31 किमी की आउटर रिंग रोड बनाने पर सहमति दी थी।
इसका जिम्मा एनएचएआई को सौंपा गया। हालांकि, अभी सिर्फ 13 किमी के हिस्से को ही बनाया जा रहा है। हापुड़ रोड से गढ़ रोड को जोड़ने वाले मार्ग के लिए मुआवजा वितरण लगभग शुरू हो गया है। इस पर भी कभी भी प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ये सभी मार्ग मेरठ से गढ़ के बीच बन रहे 709- ए हाईवे के लिंक मार्ग हैं।
ये गांव हैं शामिल
सदर तहसील में गांव
बहचौला, सलारपुर जलालपुर, सिखैड़ा
सरधना तहसील में गांव
बहराला (भराला), दौराला, धन्जू, इकलौता, खनौदा, मैथना इंद्र सिंह, मामेपुर उर्फ देदवा, मुखत्यारपुर नंगला, पनवाड़ी,
कुल हेक्टेयर जमीन - 133.3244
जल्द शुरू होगी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
एनएचएआई ने भी पत्र जारी कर दिया है। हम भी आदेश जारी कर रहे हैं। अब इसके लिए जल्द भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करेंगे। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, एडीएम, भूमि एवं अध्याप्ति