डायरिया-टाइफाइड का बढ़ा प्रकोप, तीन गुना हो गए मरीज
- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के साथ ही निजी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बदलते मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गले में दर्द के साथ तेज बुखार की शिकायत लेकर रोजाना सैकड़ों मरीज अस्पतालों की दहलीज पर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है और ठंडी हवाओं के साथ धूल-मिट्टी का मिश्रण इस बीमारी को और बढ़ा रहा है।
जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। डायरिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। बुधवार को दोनों जगह की ओपीडी 3700 पहुंच गई। इनमें अधिकांश बुखार, उल्टी, दस्त व इन्फेक्शन के मरीज हैं।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि लगातार मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादातर लोगों में गले में सूजन, दर्द, खांसी, नाक बहना और तेज बुखार के लक्षण दिख रहे हैं। जो वायरल फीवर है। मौसम परिवर्तन के कारण फैल रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण ज्यादा गंभीर रूप ले रहा है। कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी की शिकायत भी हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम बदलने से डायरिया, टाइफाइड के मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनुराग तोमर का कहना है कि इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। ठंडे पेय, आइसक्रीम और बाहर का खाना पूरी तरह बंद कर दें। घर से निकलते समय मास्क का उपयोग करें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हाथों की स्वच्छता बनाए रखें। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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