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हिंदी से हमारा आत्मीय रिश्ता हिंदी ही हमारा अभिमान

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हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में संबोधित करते प्रोफेसर स्रोत संवाद
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हिंदी दिवस पर शिक्षण संस्थानों में
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सरधना। केके पब्लिक स्कूल में आयोजित हिंदी सप्ताह का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्लोक, दोहे व चार्ट निर्माण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस पर आकर्षक स्लोगनों और सुंदर लेखन से चार्ट तैयार किए। समारोह का शुभारंभ स्कूल मैनेजर सुशील कुमार, सचिव संजीव कुमार एवं प्रधानाचार्य डॉ. उत्तम सिंह ने छात्र छात्राओं को हिंदी भाषा के महत्व को समझाया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में आन्या गोयल, समृद्धि, रेयांश, विधि, आदविक, उत्कर्ष, वसु जैन, शौर्य, सांची त्यागी, अंशी जैन, मनन, सानवी, आतिका और संभव का नाम रहा। सभी को विद्यालय की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. महेश सोम उपस्थित रहे। एसजी वर्ल्ड स्कूल में हिंदी दिवस आयोजन हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रुचि गुप्ता ने की। विद्यालय के प्रबंधक संजय चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रधानाचार्या ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की आत्मा और सांस्कृतिक पहचान है। हिंदी दिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए आत्ममंथन और संकल्प का दिन है। कार्यक्रम में निबंध लेखन प्रतियोगिता, काव्य-पाठ एवं वाद-विवाद
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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14 सितंबर को हिंदी को राजभाषा घोषित किया : डॉ. मोनू सिंह
हस्तिनापुर। हिंदी दिवस से एक दिन पूर्व कस्बे के राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोनू सिंह ने अपने संबोधन में हिंदी की संवैधानिक स्थिति पर कहा कि हिंदी भारत की राजभाषा है। संविधान के अध्याय 17 में अनुच्छेद 343 से लेकर 351 तक राजभाषा संबंधी प्रावधानों का विस्तार से उल्लेख किया। अनुच्छेद 343 के अनुसार भारत की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिन्दी को राजभाषा घोषित किया गया था। इसीलिए प्रति वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी बहुत ही वैज्ञानिक भाषा है। इस भाषा का व्याकरण बहुत ही उच्च कोटि का है। हिंदी भाषा में एक भी ध्वनि अनउच्चरित नहीं है। यहां जो लिखा जाता है वही बोला जाता है। इसके लेखन एवं उच्चारण में एकरुपता है। हिंदी का शब्द भंडार बहुत ही उच्च कोटि का है। इसमें गजब की सम्प्रेषण शक्ति है। इसका अपनी सभी क्षेत्रीय भाषाओं से बहुत ही आत्मीय रिश्ता है। सभी क्षेत्रीय बोलियां इसकी सहोदय है। हिंदी हमारा अभिमान है। हिंदी का भविष्य बहुत ही उज्जवल है।
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इस अवसर पर महाविद्यालय में प्रोफेसर जितेन्द्र बालियान, डॉ. संजीव यादव, डॉ. रेनू जैन, डॉ. समता तोमर, डॉ. विजय वीर सिंह, डॉ. मोनू सिंह, डॉ. मनोज आर्य और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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हिंदी महोत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन।

संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल (मदर विंग) के प्रांगण में शनिवार को हिंदी दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। पोस्टर मेकिंग, शुभकामना कार्ड, कविता, दोहे, कहानी आदि एक्टिविटी और हिंदी सुलेख प्रतियोगिता में छात्रोें ने शिरकत की। स्कूल प्रबंधक मनोज रस्तोगी, प्रबंधिका मीनू रस्तोगी ने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या प्रमोद राजपूत ने सभी को बताया कि हिंदी हिंदुस्तान की शान है। इसकी गरिमा को बनाए रखना ही हमारा धर्म है। बाल भारती पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस पर इंटर हाउस हिंदी क्विज प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदन नालंदा, अवंतिका, वैशाली और तक्षशिला ने प्रतिभाग किया। तनिष्का, अवनी मित्तल ने ओजस्वी भाषण देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं पावनी ने रहीम दास के प्रेरणादायक दोहे प्रस्तुत किए। क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों से पर्यायवाची, अनेकार्थी, विलोम शब्द, मुहावरे, दोहे तथा भिन्नार्थक शब्दों पर आधारित रोचक प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कड़े मुकाबले के बाद नालंदा व वैशाली सदन संयुक्त विजेता घोषित किया गया।
सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। मुख्य वक्ता गार्गी शर्मा ने छात्रों से कहा कि हिंदी को सम्मान दो, अपने दिलों में स्थान दो। ब्रह्मसिंह, उपमा ने हिंदी की प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की । प्रधानाचार्य अनिल कुमार वर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदी के राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त के विषय में विस्तार से बताया एवं भारतेंदु हरिश्चंद के विषय में बहुत महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत।
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हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में संबोधित करते प्रोफेसर स्रोत संवाद

हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में संबोधित करते प्रोफेसर स्रोत संवाद

हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में संबोधित करते प्रोफेसर स्रोत संवाद

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हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय में संबोधित करते प्रोफेसर स्रोत संवाद

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