सीसीएसयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, देश भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं शिक्षाविद् हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इसका विषय फोटॉनिक्स और उभरती सामग्रियों के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकी रहा। इसमें रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक सलाहकार मुख्य अतिथि डॉ. परिमल कुमार ने रक्षा प्रणालियों में प्रकाश विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से नवाचार अपनाने एवं विश्वविद्यालयों को गहन प्रौद्योगिकी उद्यम केंद्र बनाने का आह्वान किया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मलिक ने स्वागत भाषण में प्रकाश विज्ञान एवं उभरती सामग्रियों की वैश्विक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने दूरसंचार, क्वांटम विज्ञान, संवेदी प्रौद्योगिकी एवं सतत विकास में इनकी भूमिका रेखांकित की।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने 21वीं सदी को प्रकाश की सदी बताते हुए दूरसंचार, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम गणना में इसकी निर्णायक भूमिका बताई। प्रो. बीरपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताईं। डॉ. मीना मिश्रा ने छात्रों को जिज्ञासा, समर्पण, स्पष्टता एवं निरंतरता अपनाने का संदेश दिया। संचालन प्रो. कविता शर्मा ने किया।
धन्यवाद डॉ. नीरज पंवार ने दिया। प्रो. अनुज कुमार, प्रो. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. विवेक नौटियाल सहित अनेक वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। पांच नवंबर तक चलने वाले सम्मेलन में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और रिगाकु जैसे संगठनों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, पुर्तगाल, जर्मनी, दक्षिण कोरिया सहित विभिन्न देशों के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं शिक्षाविद् पहुंचेंगे।
शोध सार पुस्तिका का किया विमोचन
समारोह में 180 से अधिक शोध सारों वाली सार पुस्तिका का विमोचन हुआ। सम्मेलन में 67 आमंत्रित व्याख्यान, 30 मौखिक प्रस्तुतियां, 80 पोस्टर एवं आठ समानांतर सत्र आयोजित होंगे। प्रमुख विषयों में प्रकाश क्रिस्टल, मेटा सामग्री, अर्धचालक, सुपरकैपेसिटर, हाइड्रोजन उत्पादन एवं नैनो प्रकाशिकी शामिल हैं