बहसूमा। नागरिकता संशोधन कानून पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर पूरे भारत में मंडल अध्यक्ष एवं मुख्य वक्ताओं द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
रामराज में बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता आजाद बंसल के आवास पर बैठक हुई। इसमें मुख्य वक्ता विपेंद्र सुधा वाल्मीकि ने कहा कि विपक्षी दल नागरिकता संशोधन काननू पर भ्रम फैलाकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के 1947 के बंटवारे में पाकिस्तान में अल्पसंख्यक आबादी हिंदू 23 फीसदी थी। यह घटकर अब चार प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि वहां के हिंदुओं पर ज्यादती कर धर्म परिर्वतन कराया गया। पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रह रहे हैं। महात्मा गांधी ने 26 सितंबर 1947 की खुली प्रार्थना सभा में कहा था कि यदि हिंदू पाकिस्तान में अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं तो वे वापस भारत में आकर रह सकते हैं। उनकी नागरिकता व रोजी-रोटी की व्यवस्था भारत सरकार करेगी। इसके अनुपालन में केंद्र्र सरकार ने 12 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस कानून से किसी की नागरिकता समाप्त नहीं होगी बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध एवं ईसाईयों को नागरिकता दी जाएगी। इससे पूरा विपक्ष बौखलाया हुआ है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष हरिओम शर्मा, बॉबी चौधरी, जसवीर राणा, ब्रह्मचारी सिंह, डॉ. श्रीपाल कोहली, अमित बंसल, विकास बंसल, रोहित बंसल, देवेंद्र चौहान, सोमपाल चौहान, सतेंद्र शर्मा व पवन लाल धीमान आदि उपस्थित रहे।