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पूजा अर्चन कर 512 अर्घ्य समर्पित किए

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पूजा अर्चन कर 512 अर्घ्य समर्पित किए
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हस्तिनापुर। दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर हस्तिनापुर के स्वर्णमयी पंचमेरू नंदीश्वरद्वीप में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को सप्त दिवसीय पूजा की गई। शांतिधारा करने का परम सौभाग्य प्रकाश चंद जैन सुधा जैन दिल्ली वालों को प्राप्त हुआ।
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महाप्रबंधक मुकेश जैन और अन्य श्रद्धालुओं के साथ मुनि श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल अर्पित किए। मुनि निर्वाण भूषण महाराज, मुनि भाव भूषण महाराज ने प्राचीन बड़े मंदिर में चातुर्मास स्थापित करने की घोषणा की। वहीं पिच्छी परिवर्तन किया गया। मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि जैन परंपरा में चातुर्मास करने का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है। प्राचीन समय में भी ऋषि मुनि एक स्थान पर रहकर चातुर्मास किया करते थे। चातुर्मास के इन दिनों में बरसात की अधिकता, जीव जंतुओं की अधिक उत्पत्ति, नदी नालों पर पानी का उफान होने से आवागमन में बहुत परेशानी होती है। इनसे बचने के लिए चार माह तक चर्तुविद मुनिसंघ एक स्थान पर रहकर आत्म-साधना करते हैं। श्रावकों को भी धर्म मार्ग पर लगाते है। आशीष जैन शास्त्री ने सभी क्रियाएं संपादित की। मुनि भाव भूषण महाराज को चतुर्मास कलश स्थापित करने का सौभाग्य संजय जैन, प्रत्यक्ष जैन दिल्ली को प्राप्त हुआ। प्रथमानुयोग, चरणानुयोग, करणानुयोग तथा द्रव्यानुयोग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की स्थापना उमा जैन, सुशीला जैन, राजरानी जैन, डे.जी जैन, रीता जैन, शीला जैन, शांति देवी जैन विजय कुमार जैन आदि ने की। मुनि 108 भाव भूषण महाराज ने चार माह तक इन ग्रंथों की आराधना, साधना कर प्राणी मात्र के कल्याण की घोषणा की। इसके बाद पंचपरमेष्ठी भगवान के 512 अर्घ्य समर्पित किए। जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, उपाध्यक्ष सतेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, राजीव जैन, विजय कुमार जैन एवं मुकेश कुमार जैन महाप्रबंधक अशोक जैन आदि का पूर्ण सहयोग रहा।
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