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बेटियों के लिए मुसीबत बनी ऑनलाइन पढ़ाई, शालीनता की सभी हदें हो रहीं पार, पुलिस तक पहुंचे मामले

Tue, 08 Sep 2020 11:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

- आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और दी जा रही हैं गालियां
- पुलिस तक पहुंचे रहे मामले, मुकदमे भी दर्ज कराए
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण काल में शिक्षण संस्थाओं के बंद रहने के कारण शुरू की गई ऑनलाइन क्लास में शालीनता की हदें पार हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक मेसेज भेजे जाने के कई मामले सामने आए हैं।

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गूगल मीट एप पर ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शिक्षकों से गाली-गलौज के मामले थाने तक पहुंच गए। शरारती छात्र शिक्षण संस्थाओं के बाहर के युवकों को ऑनलाइन पढ़ाई का लिंक भेजे देते हैं। पढ़ाई चलते-चलते अचानक अभद्रता और गाली गलौज शुरू हो जाती है। शिक्षक और छात्रों के बीच की मर्यादा के रिश्ते को भी चोट पहुंच रही हैं। 

केस-एक
बागपत के एक स्कूल में गूगल मीट के जरिए चल रही कक्षा में बाहरी युवक ने प्रवेश किया। शिक्षिका पढ़ाने में व्यस्त थी, इस बीच बाहरी युवक ने गाली गलौज और आपत्तिजनक बातें की। जांच में मामला पकड़ा गया तो नाराज शिक्षिका ने छात्र और उसके दोस्त पर डंडे बरसा दिए। वीडियो वायरल हुआ। शिक्षका और स्कूल प्रबंधन के एक सदस्य पर मुकदमा दर्ज हो गया।

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केस-दो
बड़ौत के एक स्कूल की ऑनलाइन क्लास के दौरान ग्रुप में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेज दिए गए। नाराज अभिभावकों ने स्कूल में प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन ने एएसपी मनीष मिश्रा से मुलाकात की। पुलिस जांच में जुटी है। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस से मांग की है कि शरारती तत्व पकड़े जाने चाहिए। स्कूल की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। 

शरारती युवकों को शेयर किए जा रहे लिंक
गूगल मीट, जूम एप या अन्य किसी प्लेटफार्म के जरिये होने वाली ऑनलाइन क्लास के लिंक स्कूल के बाहरी शरारती तत्वों को शेयर कर दिए जाते हैं। इसके बाद शरारती तत्व ग्रुप में जुड़कर अश्लील बातें, फोटो शेयर और वीडियो शेयरिंग करते हैं। पढ़ाई का माहौल खराब कर दिया जाता है।

साझा ग्रुप से बढ़ गए शरारत के मौके
ऑनलाइन कक्षाओं में छात्राओं और छात्रों को संयुक्त रूप से जोड़ा जाता है। व्हाट्सएप पर संयुक्त ग्रुप होने के कारण छात्राओं के मोबाइल नंबर आसानी से शरारती तत्वों तक पहुंच जाते हैं। इस कारण शरारती तत्व आपत्तिजनक मेसेज भेज रहे हैं।
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किसने क्या कहा
इस तरह के मामलों में अभिभावकों और शिक्षकों को शरारत कर रहे युवकों से बैठकर बात करनी चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई वक्त की जरूरत है। पढ़ाई के अलावा इस तरह की हरकत से सिर्फ शरारत कर रहे बच्चों की ही नहीं बल्कि अन्य की भी पढ़ाई खराब होती है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों से बात की जाए। अभिभावक और शिक्षक काउंसलिंग करें। - डॉ अजय कुमार, मनोचिकित्सक।

ऑनलाइन क्लास में जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। शिकायतें मिली हैं। पुलिस इस तरह के मामलों में पूरी सख्ती के साथ छात्राओं की समस्या का समाधान करेगी। किसी भी बच्चे की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो स्कूल के प्रबंधकों से बात की जाएगी। - मनीष मिश्रा, एएसपी।

छात्राएं घबराएं नहीं। पूरे मनोयोग से अपनी पढ़ाई जारी रखें। समस्या आने पर अभिभावकों, शिक्षकों से शेयर करें। - अनुराधा शर्मा, प्रभारी डीआईओएस।

यहां करें कॉल
छात्राओं को अगर परेशानी हैं तो हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 पर कॉल कर सकती हैं। पुलिस कप्तान के सीयूजी नंबर 9454400258 पर कॉल कर समस्या से अवगत करा सकती हैं। छात्राओं की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।
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