केस-दो
बड़ौत के एक स्कूल की ऑनलाइन क्लास के दौरान ग्रुप में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेज दिए गए। नाराज अभिभावकों ने स्कूल में प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन ने एएसपी मनीष मिश्रा से मुलाकात की। पुलिस जांच में जुटी है। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस से मांग की है कि शरारती तत्व पकड़े जाने चाहिए। स्कूल की छवि खराब करने की कोशिश की गई है।
शरारती युवकों को शेयर किए जा रहे लिंक
गूगल मीट, जूम एप या अन्य किसी प्लेटफार्म के जरिये होने वाली ऑनलाइन क्लास के लिंक स्कूल के बाहरी शरारती तत्वों को शेयर कर दिए जाते हैं। इसके बाद शरारती तत्व ग्रुप में जुड़कर अश्लील बातें, फोटो शेयर और वीडियो शेयरिंग करते हैं। पढ़ाई का माहौल खराब कर दिया जाता है।
साझा ग्रुप से बढ़ गए शरारत के मौके
ऑनलाइन कक्षाओं में छात्राओं और छात्रों को संयुक्त रूप से जोड़ा जाता है। व्हाट्सएप पर संयुक्त ग्रुप होने के कारण छात्राओं के मोबाइल नंबर आसानी से शरारती तत्वों तक पहुंच जाते हैं। इस कारण शरारती तत्व आपत्तिजनक मेसेज भेज रहे हैं।
किसने क्या कहा
इस तरह के मामलों में अभिभावकों और शिक्षकों को शरारत कर रहे युवकों से बैठकर बात करनी चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई वक्त की जरूरत है। पढ़ाई के अलावा इस तरह की हरकत से सिर्फ शरारत कर रहे बच्चों की ही नहीं बल्कि अन्य की भी पढ़ाई खराब होती है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों से बात की जाए। अभिभावक और शिक्षक काउंसलिंग करें। - डॉ अजय कुमार, मनोचिकित्सक।
ऑनलाइन क्लास में जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। शिकायतें मिली हैं। पुलिस इस तरह के मामलों में पूरी सख्ती के साथ छात्राओं की समस्या का समाधान करेगी। किसी भी बच्चे की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो स्कूल के प्रबंधकों से बात की जाएगी। - मनीष मिश्रा, एएसपी।
छात्राएं घबराएं नहीं। पूरे मनोयोग से अपनी पढ़ाई जारी रखें। समस्या आने पर अभिभावकों, शिक्षकों से शेयर करें। - अनुराधा शर्मा, प्रभारी डीआईओएस।
यहां करें कॉल
छात्राओं को अगर परेशानी हैं तो हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 पर कॉल कर सकती हैं। पुलिस कप्तान के सीयूजी नंबर 9454400258 पर कॉल कर समस्या से अवगत करा सकती हैं। छात्राओं की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।