पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सदस्य अगर कोई बात उठा रहे हैं तो सरकार और वहां के अधिकारियों को नर्सिंग होम के साथ मिलकर जांच करानी चाहिए। मरीज को न्याय मिलना चाहिए। इलाज तो मिल नहीं रहा, अगर कोई आवाज उठा रहा है तो उस पर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं और प्राइवेट अस्पताल इलाज के नाम पर लूट रहे हैं। यह सब स्वास्थ्य विभाग की नाकामी की वजह से हो रहा है। डेंगू जैसी बीमारीयों के लिए लाखों के बिल बनाए जा रहे हैं। अस्पतालों में दवाइयां कोड में दी जा रही हैं। प्राइवेट संस्थानों से सरकार की साठगांठ चल रही है। पूरे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।
न्यूटिमा अस्पताल में मरीज के बिल को लेकर हुआ विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आईएमए के डॉक्टर और अतुल प्रधान आमने-सामने हैं। दोनों पर एक दूसरे प्रारूप प्रत्यारोप लग रहे हैं। इस मामले में अतुल प्रधान और मरीज के परिवार वालों पर रिपोर्ट भी दर्ज है, जिसमें चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
अतुल प्रधान के समर्थन में निकाला मशाल जुलूस
सपा विधायक अतुल प्रधान के समर्थन में समर्थकों व छात्र संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला। जुलूस गांधी आश्रम से शुरू होकर हापुड़ अड्डे होते हुए वापस गांधी आश्रम पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। अतुल प्रधान तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।
प्राइवेट अस्पताल की मनमानी नहीं चलेगी और गरीबों का शोषण बंद करो। इस दौरान इकराम सैफी, बाबर, इमरान ठेकेदार, विजय राठी, राजदीप विकल, तालिब रिज़वी, आकाश बढ़ाना, गुड्डू चौधरी, आदेश, बबलू जाटव, अतुल भड़ाना और शकील सैफी आदि रहे।