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Meerut News: किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता दोषमुक्त, नहीं मिले साक्ष्य

Thu, 30 Nov 2023 10:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में साक्ष्य के अभाव में अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता को बुधवार को न्यायालय अपर जिला जज पॉक्सो कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। इस आरोप में रमेश चंद गुप्ता पांच माह जेल में बंद रहा है।
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अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता के ऑफिस में यह किशोरी काम करती थी। रमेश चंद गुप्ता का एक युवती के साथ सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद किशोरी गायब हो गई थी। उसके भाई ने दौराला थाने में 26 मई को उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसे बरामद कर कोर्ट में 164 के बयान कराए। इसके बाद पुलिस ने रमेश चंद गुप्ता को पॉक्सो एक्ट की धारा में नामजद कर जेल भेज दिया था। इस मामले में किशोरी के दोबारा बयान हुए तो उसने पहले वाले बयान बदल दिए थे। वहीं, हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से रमेश चंद गुप्ता को जमानत मिल गई थी।

आरोपी पक्ष के अधिवक्ता विनोद कुमार काजीपुर ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर में 376, 328, 376डी, 427, 504 आईपीसी व 67 आईटी एक्ट व 22जी, 6 पॉक्सो एक्ट को जोड़ दिया था। पुलिस ने विवेचना करते हुए रमेश चंद गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की और अरविंद गुप्ता मारवाड़ी व संजीव गोयल सिक्का के खिलाफ विवेचना जारी रहने की सूचना न्यायालय को दी। प्रकरण में रमेश चंद गुप्ता के विरुद्ध न्यायालय अपर जिला जज पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, वादी, विवेचक अबरार, इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार यादव सहित छह गवाह पेश हुए।
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न्यायालय में पीड़िता व वादी दोनों बयानों से मुकर गए। वहीं, सतेंद्र कुमार यादव द्वारा दिए गए बयानों में रमेश चंद गुप्ता के यांत्रिक उपकरण में 350 वीडियो मौजूद होने की जानकारी अधिवक्ता विनोद कुमार ने दी। इसमें पीड़िता के नहीं होने की जानकारी दी गई। न्यायालय के समक्ष रमेश चंद गुप्ता का मोबाइल पेश नहीं किया गया। न्यायालय ने प्रकरण में रमेश चंद गुप्ता के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त करार दिया।

भाजपा नेताओं के खिलाफ नहीं मिले थे साक्ष्य
इस मामले में किशोरी ने भाजपा नेता अरविंद गुप्ता मारवाड़ी पर यौन शोषण और संजीव जैन सिक्का पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। पुलिस को जांच में दोनों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला था। वादी ने इनके पक्ष में बयान दिए थे।

चुनाव अचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विवेक रस्तोगी दोषमुक्त
वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान गोल मार्किट साकेत में एक सभा की गई थी। इसे लेकर सांसद राजेंद्र अग्रवाल व महानगर महामंत्री विवेक रस्तोगी के खिलाफ चुनाव अचार संहिता के उल्लंघन के में थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पूर्व डीजीसी फौजदारी ब्रजभूषण गर्ग ने बताया कि अपर सिविल जज एमपीएमएल कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। साक्ष्य के अभाव में सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विवेक रस्तोगी को दोषमुक्त करार दिया गया। 
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30 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में अधिशासी अभियंता दोष मुक्त
न्यायालय अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम मुजफ्फरनगर एनसी अग्रवाल को साक्ष्य के अभाव में भ्रष्टाचार के आरोप से दोषमुक्त करार दिया। घटना 30 साल पहले की है। विशेष सचिव उर्जा अनुभाग उप्र शासन वीके सिंह के निर्देश पर थाना सिविल लाइन मेरठ में तत्कालीन अधिशासी अभियंता के विरुद्ध केस पंजीकृत किया गया था। इसकी जांच परिषदीय सतर्कता इकाई की ओर से की गई।
जांच रिपोर्ट 12 फरवरी 2004 को जांच निरीक्षक को दी गई। इसमें आरोप लगाया गया कि साकेत मेरठ में भवन का निर्माण आरोपी द्वारा काले कारनामे से की गई कमाई से कराया गया। न्यायालय में आरोपी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र पाल सिरोही ने बताया कि इस शिकायत में कोई भी पुख्ता साक्ष्य नहीं था। आरोपी पक्ष की ओर से कुछ और तथ्य रखे गए। इनके आधार पर आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया।
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