मेरठ में प्रदूषण को कम करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सकारात्मक पहल की है। आईओसी अब कूड़ा-करकट, कचरे व खोई से बनने वाली बायो गैस को खरीदकर इसकी सप्लाई पेट्रोल पंपों को करेगा। आईओसी के मंडलीय संस्थागत बिजनेस हेड मो. एमई जुबेरी ने बताया कि आईपीएल शुगर मिल रोहना कलां (मुजफ्फरनगर) ने खोई से बायो गैस का उत्पादन प्रारंभ कर दिया है।
आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल का विकल्प कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) होगी। वाहनों के लिए फायदेमंद होने के साथ ही शहर को प्रदूषण मुक्त करने में मददगार साबित होगी। किसानों, व्यापारियों और वाहन चालक सभी को फायदा होगा। वातावरण में कार्बन के स्तर पर कमी आएगी। शहर से निकलने वाले कचरे का सदुपयोग होगा। फसलों के अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगेगा। बायो गैस निर्माण में पराली, खोई, कचरे का प्रयोग किया जाएगा। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन इस महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है।
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आईओसी के मंडलीय संस्थागत बिजनेस हेड मो. एएस जुबेरी ने बताया कि आईपीएल के प्लांट से निकलने वाली 11 टन गैस आईओसी खरीद रही है। इसका इस्तेमाल वाहनों में पेट्रोल और डीजल के विकल्प के तौर पर किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में अग्रवाल सर्विस स्टेशन और रोहाना कलां में दो पेट्रोल पंप से बायोगैस की सप्लाई की जा रही है।
आईपीएल के बाद अन्य शुगर मिल भी इस प्रोजक्ट पर कार्य कर रही है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने के लिए आईओसी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून बाईपास स्थित होटल दोआब विलास में कार्यक्रम आयोजित किया है। इसमें मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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