मेरठ। मेरठ महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भामाशाह पार्क में उत्साह, उमंग और उल्लास में लोग सराबोर हो गए। रविवार को अवकाश का दिन होने के चलते भारी संख्या में स्कूली छात्र-छात्रा अभिभावकों के साथ पहुंचे। शिवांगी संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने शास्त्रीय गीत-संगीत से सभी को रोमांचित किया।
एक स्कूल की ओर से लगाए गए मंच पर चुरा लिया है तुमने जो दिल को ... की मधुरिम सुर लहरियों ने कानों में मिठास घोल दी। महोत्सव में आए लोग अनायास ही उस ओर चल पड़े। एक पैर से दिव्यांग छात्रा ने कई तरानों को सुरों में ढाला तो हर कोई वाह-वाह कर उठा। शिवांगी की छात्राओं ने मोहिनीअट्टम पर रंगारंग प्रस्तुति दी। शास्त्रीय संगीत से सीता स्वयंवर की प्रस्तुति को छात्राओं ने अपनी भाव-भंगिमाओं और कौशल नृत्य से जीवंत कर दिया। सुर, लय, ताल की बेजोड़ जुगलबंदी पर श्रीराम स्तुति दी गई। मेरठ के इतिहास, कला और संस्कृति को विद्यार्थियों ने जाना।
ओडीओपी के तहत 75 जिलों के उत्पाद की प्रदर्शनी लगी। इनमें गांव-देहात की अनूठी कला को भी मंच मिला। शीशे और मिट्टी से बनाई गई कलाकृतियां, कई खांचों को जोड़कर अलग-अलग आकार बनाने का खेल, जूट के बैग, शहद, गुड़, कालीन और न जाने क्या क्या ....। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज और कैंची ने सभी को अपनी ओर खींचा। वहीं खान-पान के लिए बने फूड कोर्ट में नामी कंपनियों की ओर से लगाए गए स्टॉल पर दिनभर लोग जुटे रहे। आर्मी और एनसीसी कैडेट्स के स्टॉल पर युवा सेना में जाने संबंधी जानकारी लेते रहे। वहीं पर्यटन विभाग की ओर से लगाए स्टॉल में प्रदेशभर में घूमने वाले स्थानों का संक्षिप्त विवरण और विशेषकर महाकुंभ को लेकर जानकारी साझा की गई। महोत्सव में हर ओर उमंग और उत्साह से सभी रोमांचित हो उठे।