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Meerut News: अब किसान के साथ एआई... डिजिटल दिमाग से चलेगी खेती

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किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान अब खेती के हर चरण में एआई की मदद ले सकेंगे। इसका सीधा लक्ष्य है उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना।
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सरकार पहले ही उन्नत बीज, सहफसली खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। अब एआई आधारित खेती इस प्रयास को नई गति देगी। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म पूरे देश में लागू किया जा चुका है, जिससे किसान बदलते समय के साथ खुद को अपडेट कर सकेंगे। एआई की मदद से किसान मिट्टी की गुणवत्ता की जांच, फसल के लिए सही बुवाई समय, मौसम का सटीक पूर्वानुमान, सिंचाई प्रबंधन, कीट और रोग नियंत्रण तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों की जानकारी अपने मोबाइल या डिजिटल डिवाइस पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती अधिक वैज्ञानिक और जोखिम कम होगी। साथ ही शिक्षित युवा भी आधुनिक तकनीक और कृषि यंत्रों के संचालन को समझते हुए खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। वर्तमान में अधिकांश किसान पारंपरिक अनुभव, स्थानीय सलाह और सीमित जानकारी के आधार पर खेती करते हैं। मौसम की सही जानकारी न मिलने से कई बार बुवाई में देरी या फसल खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। एआई आधारित प्लेटफॉर्म इन समस्याओं को काफी हद तक कम करने में सहायक होगा।
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एआई से बदलेगा खेती का भविष्य
- किसान नेता मोनू ढिंढाला ने कहा कि एआई के सहयोग से खेती करने पर उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।
- रालोद जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज ने कहा कि किसान, महिला, खेल, विकास और रेल कॉरिडोर सभी वर्गों को इसमें कुछ न कुछ मिला है।
- रालोद नेता सुनील रोहटा ने कहा कि एआई आधारित खेती को कृषि क्षेत्र में संभावित क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।
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