पांच साल में पूरा नहीं हुआ वेंडिंग जोन का कार्य
मेरठ। केंद्र सरकार द्वारा संचालित वेंडिंग जोन योजना अभी तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है। कहीं पर निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं तो कहीं प्रकाश, पेयजल आदि की सुविधाएं अधूरी हैं। अधिकतर स्थानों पर योजना के तहत चबूतरे तो बनाए गए, लेकिन ठेले वालों को स्थापित नहीं किया गया।
सरकार ने महानगर के चौराहों और पटरियों पर ठेले लगाकर, जमीन पर सामान रखकर बेचने वालों को एक सुरक्षित स्थान देने के लिए वेंडिंग जोन योजना संचालित की थी। इसके लिए महानगर में सूरजकुंड, गढ़ रोड तेजगढ़ी के पास, कंकरखेड़ा और मोदीपुरम में वेंडिंग जोन विकसित करने का प्रस्ताव तैयार हुआ।
सूरजकुंड चौराहे पर सड़क किनारे 35 दुकानें, गढ़ रोड पर 125 दुकानदारों के लिए चबूतरे, कंकरखेड़ा में 75 और मोदीपुरम में 75 दुकानदारों के लिए लाखों रुपये खर्च कर चबूतरे बनाए गए। वहीं सूरजकुंड पर चबूतरों के ऊपर टीन शेड नहीं डाला है। इसका कारण बजट का अभाव बताया जा रहा है। इस संबंध में चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि शीघ्र ही प्लेटफार्म के अधूरे कार्य पूरे कराए जाएंगे। ताकि सभी ठेले वाले, दुकानदारों को स्थान आवंटित किया जा सके।