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गांव कैली में खेत में मिले गोवंश के अवशेष

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गांव कैली में खेत में मिले गोवंश के अवशेष
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खरखौदा। बकरीद से पहले गांव कैली के जंगल में गोकशो ने आवारा घूम रहे सांड़ को काट दिया। बरसात के कारण उक्त रास्ते पर जलभराव होने से किसान जंगल में नहीं पहुंच सके। बुधवार दोपहर जंगली कुत्तों को मंडराते देख ग्रामीण गन्ने के खेत में पहुंचे तो उन्हें वहां गोवंश के अवशेष पडे़ मिले। पुलिस ने अवशेषों को मिट्टी में दबा दिया है।
एक सप्ताह पहले खरखौदा क्षेत्र में हुई अच्छी बरसात के कारण गांव कैली में बड़े तालाब का पानी रास्तों में भर गया। जिस कारण कैली से पांची बस स्टैंड को जाने वाला रास्ता पूर्णतया बंद हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव कैली निवासी नरेश त्यागी के गन्ने के खेत में पिछले दो दिन से आवारा कुत्ते मंडरा रहे थे। बुधवार को जब किसान दूसरे रास्तों से अपने खेतों पर पहुंचे तो उन्हें दुर्गंध आई। ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में जाकर देखा तो वहां गोवंश के अवशेष पड़े मिले। ग्रामीणों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। खरखौदा थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शर्मा सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा वहां मिले अवशेषों को कब्जे में लेकर मिट्टी में दबा दिया।
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सीओ किठौर बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि अज्ञात के खिलाफ गोकशी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। टीम बनाकर अपराधियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।
कैली बन गया गोकशी का अड्डा
जब से गांव कैली के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग 334 का बाईपास बना है, तब से यह क्षेत्र गोकशी का बड़ा अड्डा बन गया है। इसी बाईपास के सहारे इस क्षेत्र में बार-बार गोकशी की जा रही है। गोकश घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत बाईपास से होते हुए मेरठ की सीमा से बाहर निकल जाते हैं। बाईपास के निर्माण से पहले इस क्षेत्र में कभी गोकशी नहीं हुई।
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