मेरठ में सोतीगंज वाहन ‘कमेला’ मंडी में जरा संभलकर जाइएगा। क्योंकि यहां के कबाड़ी आपको ही उल्टा चोर बना सकते हैं। सोतीगंज से लूट व चोरी की गाड़ी का सस्ता सामान खरीदना आपको भारी पड़ सकता हैं। एक व्यापारी ने दो दिन पहले सोतीगंज से गाड़ियों के पार्ट्स खरीदे, जो खराब निकले। बदलने के लिए व्यापारी सोतीगंज पहुंचा तो कबाड़ियों ने उसको ही चोर बता दिया। इस दौरान पुलिस भी पहुंच गई। गाड़ी में पुराने टायर और पार्ट्स देखकर पुलिस भी उसको चोर समझने लगी।
ग्रेटर नोएडा निवासी योगेश कुमार गुप्ता पुत्र दयाराम दो दिन पहले सोतीगंज से टायर व कार के पार्ट्स खरीदकर ले गए थे। सामान खराब निकला तो वह अपने आई-20 कार में सामान रखकर मंगलवार शाम 6:30 बजे फिर सोतीगंज में पहुंचे। कबाड़ी ने सामान वापस लेने से मना कर दिया और बोला किसी दूसरे से सामान खरीदा होगा। यह सामान चोरी की गाड़ी का हैं। इसी दौरान एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी, टीआई सुनील कुमार, टीएसआई दीनदयाल दीक्षित समेत 12 ट्रैफिक पुलिसकर्मी पहुंच गए। एसपी ट्रैफिक ने नो पार्किंग में योगेश की गाड़ी खड़ी देखी तो वह रुक गए। योगेश और उसकी कार की तलाशी ली। कार में पुराने टायर और पार्ट्स थे। पुलिस को अंदेशा हुआ कि कार संदिग्ध है और पुराना सामान बेचने आया हैं। मामला चोरी के वाहनों का हो सकता हैं। क्योंकि कार सोतीगंज में खड़ी थी। पुलिस बार-बार योगेश को कहती कि कहां से सामान लाए और वह एक ही जवाब देता कि यह चोरी का सामान नहीं हैं। करीब आधा घंटे तक यही चलता रहा। योगेश के पास अपनी बेगुनाही का कोई सुबूत भी नहीं था, क्योंकि कबाड़ी तो पहले ही सामान बताने से इंकार कर चुका था। पुलिस ने कार का इंजन व चेसिस नंबर तक चेक किए। उसका पूरा वेरिफिकेशन किया। पुलिस को लगा कि योगेश सही बोल रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने नो पार्किंग में योगेश की गाड़ी का चालान काट दिया। उसके बाद योगेश अपनी कार को लेकर वापस ग्रेटर नोएडा रवाना हो गए।