मुजफ्फरनगर में सीएमओ ऑफिस के डॉक्टर और बाबू दिव्यांगों पर भी रहम नहीं खा रहे हैं। योगी सरकार का खौफ भी इन पर प्रभाव नहीं छोड़ रहा है। पैसों की चमक में दिव्यांगता का प्रतिशत घट और बढ़ जाता है। पीड़ित ने पैसे देते हुए बाकायदा मोबाइल से वीडियो बना ली। विभाग में पैसे लेकर दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने की वीडियो देखकर डीएम ने सीएमओ को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद तीन बाबुओं को हटा दिया गया है।
सीएमओ ऑफिस में प्रत्येक बृहस्पतिवार को दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाए जाते हैं। प्रमाण-पत्र जारी करने वाले डॉक्टर और बाबू सीधे तो पैसे ले नहीं सकते। डर रहता है कि कहीं रंगेहाथ पकड़े न जाएं। कुछ बाहरी लोगों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मदद से पैसा लिया जा रहा है। यदि किसी की दिव्यांगता 40 प्रतिशत है तो एक से लेकर दो हजार रुपये तक में वह 50 प्रतिशत तक हो जाती है। पीड़ित ने मोबाइल से वीडियो बना ली। कुछ लोगों ने बुधवार को डीएम डीके सिंह को अस्पताल में रिश्वत लिए जाने की वीडियो दिखाई। योगी सरकार के तेवरों को देखते हुए डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और सीएमओ को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। सीएमओ डॉ. प्रेम शंकर मिश्रा ने बताया कि वीडियो फुटेज में पैसे लेते जो व्यक्ति आ रहा है, वह बाहर का है। डीएम के निर्देश पर बाबू शिवराज और उसके दोनों सहयोगी क्लर्कों को हटा दिया गया है।