मेरठ में कार्यरत एक पत्रकार ने एसएसपी वैभव कृष्ण की शिकायत करते हुए मेरठ रेंज के आईजी/एडीजी को पत्र सौंपा है। दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेजी समाचार पत्र के मेरठ में कार्यरत पत्रकार ने शिकायती पत्र में कहा कि एक जनवरी को उसके व्हाट्सएप नंबर पर तीन वीडियो मिले। इस संबंध में मेरठ रेंज के आईजी आलोक सिंह को अवगत कराया। जिसके बाद आईजी ने वैभव कृष्ण से बात की और उन्हें मेरा नंबर दे दिया। इस वीडियो को लेकर नोएडा में हुई प्रेसवार्ता और उसके बाद के अपडेट के लिए पत्रकार ने एसएसपी वैभव कृष्ण के पास कॉल की। जिस पर एसएसपी ने कहा कि उनका एक आदमी जानकारी के लिए कॉल करेगा।
पत्रकार ने शिकायत में कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर ढाई बजे जब वह रिपोर्टिंग कार्य हेतु मेरठ एसएसपी कार्यालय परिसर पहुंचा तो चार लोग सिविल ड्रेस में पहुंचे। उन्होंने अपना परिचय सेक्टर-20 नोएडा के इंस्पेक्टर राजवीर चौहान और फेस-3 नोएडा के इंस्पेक्टर देवेंद्र यादव के रूप में कराया। जब उनसे मेरठ आने का कारण पूछा तो वह बात टाल गए।
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पत्रकार ने बताया कि जब बाइक लेकर चलने लगा तो दोनों इंस्पेक्टरों ने उसे रोक लिया। कारण पूछा तो दोनों इंस्पेक्टरों ने कहा कि एसएसपी गौतमबुद्धनगर वैभव कृष्ण ने उसे गिरफ्तार करने के लिए मेरठ भेजा है। जिसके बाद इंस्पेक्टरों ने धमकाया और गालियां दी। पत्रकार के अन्य साथियों ने कैमरा ऑन कर उन्हें रोका।
इसके बाद एसएसपी आवास पहुंचकर जान बचाई। पत्रकार का आरोप है कि एसएसपी गौतमबुद्धनगर उसे अपने षडयंत्र का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। साजिश में फंसाकर उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज करा सकते हैं या फर्जी एनकाउंटर में उसकी हत्या कर सकते हैं। पत्रकार ने मांग की कि उसके खिलाफ साजिश रचने वालों पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
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