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मंदी के बीच चीन की 3 हजार वस्तुओं की ‘नो सेल’

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मंदी के बीच चीन की 3 हजार वस्तुओं की ‘नो सेल’
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मेरठ। कोरोना महामारी के बीच बाजार पूरी तरह शांत हैं। आम दिनों में होने वाली सेल का ग्राफ भी नहीं हो रही है। 20 प्रतिशत सेल पर व्यापारी काम कर रहे हैं। कारोबार के हालातों को देखते हुए अब व्यापारियों ने चीन से भारत में आयात की जाने वाली 3 हजार वस्तुओं को बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। बचा स्टॉक सेल होने के बाद व्यापारी अब चीन निर्मित किसी भी सामान को नहीं बेचेंगे।
सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा के मुताबिक बाजार खुलने के सात दिन बीतने के बाद भी हालात अच्छे नहीं हैं। शुक्रवार तक शहर के लगभग 95 फीसदी बाजार खुल गए हैं। जो सामान लॉकडाउन के दौरान डिमांड में रहा ज्यादातर उसी की सेल हो रही है। बाजार में इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, फुटवियर, गार्मेँट सेग्मेंट में तो सेल हो रही है, लेकिन ऑटोमोबाइल, होटल इंडस्ट्री, रेस्तरा, मिष्ठान विक्रेता, फर्नीचर, ज्वेलरी व्यापारियों अभी भी ग्राहकों का इंतजार है। ऐसे समय में व्यापारियों ने चीन की वस्तुओं को न बेचने का निर्णय लिया है।
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सीजनल कारोबार पर पड़ी मार
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि गर्मियों का कारोबार इस बार कोरोना महामारी के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। व्यापारियों के अनुसार न शादियां हुई और न ही प्रमुख त्यौहारों पर कोई आयोजन हुए। ऐसे में इसका सीधा प्रभाव बाजार पर पड़ा है। बाजार खुले सात दिन बीत जाने के बाद भी कई सेग्मेंट में अभी तक नो सेल के हालात हैं। अब व्यापारी चीनी सामान के बहिष्कार कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को भी व्यापारियों को राहत पैकेज देना चाहिए।
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बाजार ने नहीं पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शहर के प्रमुख बाजार सदर व्यापार मंडल, आबूलेन व्यापार मंडल, बेगमपुल व्यापार मंडल, सेंट्रल मार्केट, शारदा रोड, लालकुर्ती सहित आउटर के प्रमुख बाजारों के व्यापार संघ और व्यापारियों के अनुसार एक सीजन में सेल का ग्राफ 259 करोड़ को पार कर जाता था। इस बार बाजार खुलने के बाद बाजार ने 50 करोड़ के ग्राफ को भी पार नहीं किया है।
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