ऐसे जांच होगी पीयूसीसी
पेट्रोल पंप पर वाहन पहुंचने के बाद एएनपीआर कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा। इसके बाद वाहन के पीयूसीसी की वैधता की जांच की जाएगी। वैध पीयूसीसी होने पर ही वाहन में ईंधन भरने की अनुमति मिलेगी।
जिन पंपों पर अभी एएनपीआर कैमरे नहीं लगे हैं, वहां कर्मचारियों के मोबाइल में पीयूसीसी एप स्थापित कराया जा रहा है। कर्मचारी वाहन का नंबर डालकर पीयूसीसी की वैधता की जांच करेंगे।
बिना पीयूसीसी ईंधन देने पर कार्रवाई
पूर्ति विभाग के अनुसार यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहन में पेट्रोल या डीजल भरता पाया गया तो उसके फ्यूल सेलिंग लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। यह व्यवस्था उन पंपों पर लागू होगी जहां पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बिक्री होती है। केवल सीएनजी बेचने वाले पंपों को इस नियम से अलग रखा गया है।