मेरठ में पिछले कई दिनों से हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह और शाम ठंड का एहसास होने के साथ ही खांसी-जुकाम, बदन दर्द और बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। शहर और देहात क्षेत्र में वायरल संक्रमण के मरीज अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में पहुंच रहे हैं।
ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें
पीएल शर्मा जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज समेत शहर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में कुल 4251 मरीज पहुंचे। अस्पतालों में पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर के कक्ष और दवा काउंटर तक मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मौसम में अधिक नमी और तापमान में अचानक बदलाव के कारण वायरल संक्रमण बढ़ सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे और बुजुर्ग मौसमी संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू का भी खतरा
शहर में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि डेंगू के भी मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में ऐसे मरीजों के उपचार के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग वार्ड और जरूरी दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले भी अस्पतालों को सतर्क रहने और संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की जांच कराने के निर्देश दे चुका है।
लापरवाही से बचें, तीन दिन से ज्यादा बुखार हो तो कराएं जांच
फिजिशियन डॉ. वीके बिंदरा ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। खुले में रखे या कटे हुए फल और फास्ट फूड से बचें। खांसी या बुखार होने पर पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करें।
उन्होंने बताया कि अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहता है तो खुद से मेडिकल स्टोर से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट भी कराना चाहिए।