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निर्भय यात्रा निकालने पर घमासान, प्रशासन ने रोकी

Sat, 18 Jun 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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दौराला नहर पुल पर पुलिस ने लोगों को रोका - फोटो : अमर उजाला
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 विधायक संगीत सोम ने प्रशासन की चेतावनी के बावजूद शुक्रवार को सरधना से एलानिया निर्भय यात्रा निकाली। यह बात अलग रही कि टकराव की स्थिति से बचने के लिए उन्होंने कस्बे से तीन किमी आगे जाकर पुलिस के रोके जाने पर यात्रा स्थगित कर दी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के माध्यम से शासन को चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर कैराना से पलायन करने वाले लोगों को पुन: विस्थापित नहीं किया गया तो इस बार बड़ा और आर-पार का आंदोलन होगा।
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वहीं, सपा नेताओं की ओर से घोषित सद्भावना यात्रा के लिए सपा विधायक गुलाम मोहम्मद और सरधना से प्रत्याशी अतुल प्रधान सहित दूसरे नेता भी जुटे। प्रशासन के रोकने पर सरधना में ही गुलाब के फूल अधिकारियों को देकर यात्रा स्थगित कर दी।
 संगीत सोम की निर्भय यात्रा में तमाम रोक के बावजूद क्षेत्र से हजारों की भीड़ पहुंचने से पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। बृहस्पतिवार रात में ही पुलिस ने सरधना के सभी रास्ते और बॉर्डर सील कर दिया था। नाका लगाकर एक प्रशासनिक मजिस्ट्रेट और सीओ फोर्स के साथ मौजूद थे।
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निर्भय यात्रा में शामिल होने के लिए संगीत सोम के समर्थक सुबह जब सरधना के लिए ट्रैक्टर ट्राली, कारों और बसों से निकले तो उन्हें रोक लिया गया। काफी जद्दोजहद के बाद सभी को पैदल जाने की अनुमति दी गयी। ऐसे में दो से आठ किमी के दायरे के जो भी समर्थक थे, वह पैदल ही सरधना पहुंचे। जिस कारण यात्रा सुबह 10 बजे के बजाय सुबह 11:40 बजे शुरू हुई। इस बीच समर्थक नारेबाजी करते उनके आवास पर इकट्ठा होते रहे।

भीड़ देखकर बदला प्वाइंट
निर्भय यात्रा रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने पहले कोतवाली और उसके बाद तहसील कार्यालय को मुख्य प्वाइंट बनाया था। लेकिन भीड़ को देख इसे दौराला नहर पुल के पास रोकना तय किया गया। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर तक पदयात्रा आगे बढ़ी और खेतों के बीच नहर पुल से पहले एडीएम (प्रशासन) दिनेश चंद, एसपी देहात डॉ. प्रवीण रंजन ने भारी फोर्स तैनात कर यात्रा को रोक दिया।

धक्कामुक्की, संयम और एलान
इस बीच विधायक ठा. संगीत सोम समर्थकों की पुलिस फोर्स के साथ काफी धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन फोर्स को अधिकारियों ने संयम बरतने के निर्देश दिए। इस बीच कार्यकर्ताओं के मिजाज को देखते हुए संगीत सोम खुद आगे आए और सभी को शांत करते हुए यात्रा स्थगित करने का एलान कर दिया।  संगीत सोम ने अधिकारियों से कहा कि वह मुख्यमंत्री और शासन को बता दें कि भय का माहौल अब नहीं बन पाएगा। यदि 15 दिन में कैराना से पलायन करने वाले परिवार सुरक्षा बंदोबस्त में वापस विस्थापित नहीं किये गये तो इस बार बड़ा आंदोलन होगा।

सद्भावना यात्रा के लिए सपा नेता भी जुटेे
सपा नेता अतुल प्रधान की ओर से घोषित सद्भावना यात्रा के लिए सुबह से सपा नेता और लोग जुटना आरंभ हो गए थे। अतुल प्रधान और उनके सैकड़ों समर्थकों को पुलिस-प्रशासन ने घेराबंदी कर कस्बे में ही रोक लिया। उन्हें जुलूस पर पाबंदी और धारा 144 का हवाला देकर आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद सपा नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को गुलाब के फूल देकर अपनी यात्रा स्थगित कर दी। सपा नेता अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि विधायक संगीत सोेम और भाजपा क्षेत्र में भावनाओं को भड़काने के लिए रोज नए काम कर रही है। भाजपा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिशों में लगी है। सपा विधायक गुलाम मोहम्मद और जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने भी भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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