एमडीए की योजनाओं में स्थित 108 पार्कों को विकसित करने का प्लान धड़ाम हो गया। पार्कों में बच्चों और बड़ों के लिए मनोरंजन से लेकर फूड कोर्ट की व्यवस्था करना था, लेकिन सारा काम फाइलों में कैद होकर रह गया। कुछ लोगों ने इस बाबत एमडीए से संपर्क भी किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहीं आर्थिक तंगी से जूझ रहे एमडीए के लिए यह प्लान बेहतर साबित हो सकता था।
12 योजनाओं में हैं पार्क
एमडीए की मुख्य 12 योजनाओं में 108 पार्क हैं। इनमें कुछ छोटे तो कुछ काफी बड़े हैं। जोनल पार्क तो बीस- बीस एकड़ के हैं। पांडवनगर, गंगानगर, वेदव्यासपुरी, श्रद्घापुरी, पल्लवपुरम, रक्षापुरम जैसी योजनाओं में बड़े बड़े पार्क हैं। इन्हीं पार्कों का लुक बदलने पर ज्यादा जोर दिया गया है। अक्टूबर में एमडीए ने इन पार्कों को विकसित करने और इनसे कमाई करने का तरीका निकाला था। इसके लिए बाकायदा ले आउट तैयार कराया गया था और उसी माह से प्लान पर काम होना था।
यह बनाई थी योजना
योजना यह थी कि पार्कों को पीपीपी मॉडल के तहत डेवलेप किया जाए। इस प्लान से बच्चे और बड़े दोनों ही पार्क का लुत्फ उठा सकते थे। पार्कों को ठेके पर देने की तैयारी थी। यहां फूड कोर्ट, कॉफी हाउस जैसी सुविधा देनी थीं। बड़े और छोटे पार्क में स्थायी और अस्थायी निर्माण किया जाना था। ठेकेदार अपने हिसाब से निर्माण को चेंज भी कर सकता था बस शर्त यह थी इसकी सूचना एमडीए को देनी पड़ती।
ताकि हर बच्चा कर सके मस्ती
खास ध्यान यह रखा गया था कि इस पार्क में आम बच्चे खेलने से वंचित न रह जाएं। हर बच्चे को पार्क का लुत्फ उठाने का मौका दिया जाएगा। किसी भी बच्चे को इस पार्क में खेलने से रोका नहीं जाएगा। यदि बच्चे ठेकेदार द्वारा उपलब्ध की गई विशेष सुविधा जैसे मिक्की स्लाइडर, विशेष झूला या भूल भुलैया का लाभ उठाएंगे तभी उन्हें उसके बदले चार्ज देना होगा। नहीं तो पार्क में बच्चे बिना पैसा दिए खेल सकेंगे।
हैप्पी बर्थडे के लिए विशेष आयोजन
पार्कों में छोटे आयोजन के लिए विशेष योजना तैयार की गई थी। शर्त यह थी कि विवाह समारोह का आयोजन यहां नहीं होगा क्याेंकि इसे ठेकेदार बड़ी कमाई का जरिया बना सकता है। लेकिन बर्थडे पार्टी की जा सकती है। ऐसे आयोजन के लिए जिला प्रशासन से पहले ही अनुमति लेनी होगी। पार्कों में क्लब भी बनाया जाएगा।
गर्मी में रेन डांस का मजा
गर्मी के मौसम में चूंकि बच्चों की छुट्टी होती हैं तो इसके लिए स्पेशल पैकेज की बात की गई थी। इसके तहत रेन डांस का आयोजन किया जाना था। ठेकेदार को इसके लिए परमानेंट व्यवस्था करनी होती। रेन डांस जैसे छोटे कंपीटीशन का आयोजन भी प्रस्तावित था।
महिलाओं के लिए क्लब और तंबोला
केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि पार्कों में उनके परिजनों के लिए भी प्लान तैयार किया गया था। चूंकि बच्चों के साथ उनके परिवार के लोग भी पार्क में घूमने आएंगे तो उनके मनोरंजन का भी पूरा इंतजाम करने की योजना थी। खास तौर पर महिलाओं के लिए तंबोला और क्लब की स्थापना के लिए योजना बनी थी। बच्चे तो खेलते ही पर उनकी मदर भी यहां आकर पूरा लुत्फ उठा सकती थीं। अहम यह था कि यहां ग्रुप बनाने के लिए भी कहा गया था। महिलाओं का ग्रुप बनता। छोटी प्रतियोगिताओं के आयोजन का इंतजाम होता तो यह योजना और बेहतर साबित होती।
एमडीए ने नहीं की कोशिश
यह सारा प्लान हवा में उड़ गया। एमडीए ने इस बाबत कोशिश ही नहीं की। शुरू में ठेकेदाराें से बात की पर योजना परवान नहीं चढ़ पाई। वेदव्यासपुरी के जोनल पार्क में एक विजिट भी हो चुकी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अधिकारियाें के मुताबिक सही तरीके से इस प्रोजेक्ट पर काम आगे नहीं बढ़ सका है।
इन सुविधाओं का था पार्क में प्रस्ताव
फूड कोर्ट
कॉफी हाउस
मिक्की स्लाइडर