जानकारी के अनुसार एनआईए ने मेरठ के मुंडाली से संदिग्ध अफसार के भाई सत्तार को उसके घर से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एनआईए ने सत्तार को एक उुर्दू फारसी की किताब के संबंध में गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध अफसार की निशानदेही पर शहजाद से उर्दू और फारसी में लिखी किताब बरामद की है। जिसमें आतंकियों की अगली रणनीति के बारे में लिखा होना बताया गया है।
बताया गया कि अफसार की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने हापुड़ के धौलाना गांव निवासी शहजाद के घर से एक किताब बरामद की। जोकि उर्दू और फारसी भाषा में लिखी है। बताया कि इस किताब में कई महत्वपूर्ण जानकारी आईएस से जुड़ी हुई है। जिसकी जांच पड़ताल करने में एनआईए और एटीएस जुटी है। शहजाद को एनआईए ने छोड़ दिया है, क्योंकि अभी तक उसके खिलाफ सुबूत नहीं मिला है।
आईएस के नापाक मंसूबों की पोल खुलने के बाद से एनआईए और एटीएस की निगाह वेस्ट यूपी पर है। इसके चलते हथियार सप्लायर बेचैन हैं। आतंकी इनपुट के बाद एनआईए ने मेरठ से दो, हापुड़ से एक व अमरोहा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने पूछताछ में बताया कि अवैध हथियार सप्लायरों के जरिये ही आईएस ने अपना नेटवर्क वेस्ट में फैलाया है। आतंकी इनपुट मिलने पर एनआईए व एटीएस ने न्यू ईयर (एक जनवरी) से पहले छापामारी की। इसमें कई संदिग्ध लोग पकड़े गए। अब गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर सुरक्षा के मद्देनजर संदिग्ध लोगों की तलाश में दबिश शुरू कर दी है।
संदिग्ध लोगों ने पूछताछ में बताया कि आईएस के निशाने पर वेस्ट यूपी है। यहां आईएस ने स्लीपिंग सेल का जाल फैलाया हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां दावा कर चुकी है कि आईएस का वेस्ट यूपी के हथियार सप्लायरों से कनेक्शन है। इसको देखते हुए एनआईए ने मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर समेत वेस्ट यूपी के कई जनपदों में डेरा डाल रखा है।
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