Meerut News: सहारनपुर स्थित दारुल उलूम देवबंद के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे अकाउंट और चैनलों को लेकर संस्था ने स्पष्टीकरण जारी किया है। बिजनौर में तेंदुआ पिंजरे में फंसा है। मुजफ्फरनगर में एसआई की हादसे में मौत हो गई। मेरठ और बागपत में प्रदूषण के कारण हवा जहरीली हो गई है।
इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद ने सोशल मीडिया पर अपने नाम से संचालित विभिन्न अकाउंट और चैनलों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। संस्था ने कहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसका कोई आधिकारिक अकाउंट या चैनल नहीं है।
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देवबंद का दारुल उलूम
संस्था की वेबसाइट पर जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि दारुल उलूम और दारुल इफ्ता के नाम से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट का संस्थान से कोई संबंध नहीं है। इन माध्यमों से प्रसारित होने वाली सामग्री को संस्था या उसके दारुल इफ्ता की ओर से जारी जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।
संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि दारुल उलूम की दो आधिकारिक वेबसाइट हैं, जहां संस्थान से संबंधित परिचय और घोषणाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि संस्था के नाम से ऐसे अकाउंट और चैनल न बनाएं, जिनसे लोगों में उनके आधिकारिक होने का भ्रम पैदा हो। साथ ही धार्मिक मार्गदर्शन के लिए आधिकारिक वेबसाइट का ही सहारा लेने की अपील की गई है।
वायु प्रदूषण
- फोटो : Amarujala.com/AI
मेरठ की हवा खराब, एक्यूआई 214; बागपत में 114 दर्ज
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। मेरठ में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 214 दर्ज किया गया, जबकि बागपत में यह 114 रहा। हवा चलने से प्रदूषण के स्तर में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मेरठ में हवा की गुणवत्ता अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
पिछले कुछ दिनों से खराब हवा के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोनों जिलों के एक्यूआई में अंतर साफ नजर आया। जहां मेरठ में प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहा, वहीं बागपत में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई।
मौसम में बदलाव और हवा की गति प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर रही है। हवा चलने से प्रदूषक कणों का जमाव कम हो सकता है, जबकि हवा की गति कम होने पर प्रदूषण दोबारा बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि वे वायु गुणवत्ता पर नजर रखें। खासकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोग प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।
पकड़ा गया तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला
सात साल के बच्चे को मारने वाला तेंदुआ पकड़ा
बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र के खुशहालपुर मड़का गांव में मादा गुलदार के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि इसी क्षेत्र में करीब दो महीने पहले सात वर्षीय बच्चे की गुलदार के हमले में मौत हो गई थी।
रविवार सुबह ग्रामीणों ने आबादी के पास लगाए गए पिंजरे में गुलदार को फंसा देखा। इसके बाद ग्राम प्रधान एवं प्रशासक के पति हिमांशु राजपूत ने सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गुलदार को कब्जे में लेकर जालपुर नर्सरी भेज दिया।
प्रारंभिक जांच में गुलदार की उम्र करीब चार से पांच वर्ष बताई गई है।
दरअसल, अगस्त में खुशहालपुर मड़का निवासी भूदेव कश्यप का सात वर्षीय बेटा नक्श कश्यप अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला किया और उसे उठाकर ले गया। घटना के बाद गांव के पास बच्चे का शव मिला था। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। इसके बाद वन विभाग ने घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया था। अब गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
जावेद और आहद की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
कैराना में दर्दनाक सड़क हादसा, 15 वर्षीय आहद और 22 वर्षीय जावेद की मौत।
शामली के कैराना में कांधला रोड पर शनिवार रात करीब दस बजे दो बाइकों की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से एक किशोर और एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक, मोहल्ला अफगानान निवासी 22 वर्षीय जावेद उर्फ अजीम अपने साथियों सलमान और जुनैद के साथ कांधला में मेला देखकर बाइकों से घर लौट रहा था। इसी दौरान ऊंचा गांव के पास दोनों बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां 15 वर्षीय आहद की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि जावेद उर्फ अजीम ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
गंभीर रूप से घायल सलमान और जुनैद को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की सूचना पर क्षेत्राधिकारी हेमंत कुमार भी मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
मुजफ्फरनगर में सड़क हादसा, एसआई की मौत
मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की स्टेडियम चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक अरुण चाहर का निधन हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल उपनिरीक्षक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ में भर्ती कराया गया। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक अरुण चाहर सरकारी कार्य से जानसठ गए थे। वहां से सिविल लाइन थाना क्षेत्र लौटते समय वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।
घटना के बाद एसपी सिटी अमृत जैन, एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और फील्ड यूनिट की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है। मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।